द फॉलोअप डेस्क
गृहमंत्री अमित शाह के साथ नई दिल्ली में वामपंथ उग्रवाद की समीक्षा बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य और केंद्र के समन्वय से नक्सल विरोधी अभियान में आशातीत सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड केंद्र के सहयोग से उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई जीतेगा। सीएम हेमंत ने कहा कि उग्रवाद उन्मूलन के लिए राज्य में कई योजनाएं संचालित है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के साथ झारखंड जगुआर और एसएटी जैसे विशेष दलों का गठन किया गया है।

बूढ़ा पहाड़ को नक्सल मुक्त किया गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि शीर्ष नक्सली नेताओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध विशेष ऑपरेशन संचालित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नक्सलियों का गढ़ रहे दुर्गम बूढ़ा पहाड़ को नक्सल मुक्त बना लिया गया है। मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री को बताया कि वह 27 जनवरी 2023 को खुद बूढ़ा पहाड़ गए और ग्रामीणों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने 6 पंचायतों में विकास परियोजना की भी जानकारी गृहमंत्री को दी।

स्थानीय ग्रामीणों की एसपीओ में नियुक्ति को मंजूरी
झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ रहे जवानों का मनोबल बनाए रखने के लिए एमआरई मद से बीमा राशि की प्रतिपूर्ति को जारी रखे जाने पर सीएम सोरेन ने जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोडरमा, रामगढ़ और सिमडेगा में सैनिक बलों के ऊपर व्यय एसआरई मद से जारी रखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा कारणों से भूतपूर्व सैनिक और पुलिसकर्मी एसपीओ नियुक्ति में रुचि नहीं लेते ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों की नियुक्ति की अनुमति दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उग्रवाद कम हुआ है लेकिन अर्धसैनिक बलों की प्रतिनियुक्ति जारी रहनी चाहिए ताकि नक्सल घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो।

राज्य का बकाया 1.36 लाख करोड़ दे केंद्र सरकार
उग्रवाद मुक्त झारखंड बनाने के लिए विकास योजनाओं की जरूरतों पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने वित्तीय संकट का मामला भी गृहमंत्री के सामने उठाया। उन्होंने केंद्र पर राज्य सरकार के बकाए 1.36 लाख करोड़ जारी किए जाने की मांग की।
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