द फॉलोअप डेस्क:
नोएडा के चर्चित निठारी कांड से जुड़े रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई है। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को भूपतवाला इलाके में एक चाय की दुकान से उसका शव बरामद हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। शुरुआती जानकारी में इसे आत्महत्या का मामला बताया जा रहा है, हालांकि मौत की अंतिम वजह पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। सुरेंद्र कोली का नाम साल 2006 में सामने आए निठारी हत्याकांड के बाद देशभर में चर्चा में आया था। नोएडा के निठारी इलाके में मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे नाले से बच्चों के कंकाल और अन्य अवशेष मिलने के बाद यह मामला सामने आया था। इसके बाद कोली और पंढेर को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने कोली के खिलाफ हत्या, अपहरण, दुष्कर्म और सबूत मिटाने समेत कई आरोपों में अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। निचली अदालतों में उसे कई मामलों में दोषी ठहराया गया और मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, बाद में इन मामलों में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी और कई सजा के फैसले पलट गए।
.jpeg)
सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में किया था बरी
सुरेंद्र कोली के खिलाफ निठारी कांड से जुड़ा यह आखिरी मामला था। जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने 12 मामलों में उसकी बरी होने की स्थिति को बरकरार रखा था। उस समय एक मामला ऐसा था, जिसमें वह जेल में था। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उस आखिरी मामले में भी उसकी सजा को रद्द करते हुए उसे बरी कर दिया और तत्काल रिहाई का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के सामने मामले में सबूतों की विश्वसनीयता और जांच की प्रक्रिया से जुड़े सवाल अहम रहे। अदालत के फैसले के बाद निठारी कांड से जुड़े सभी मामलों में कोली की कानूनी स्थिति बदल गई और वह जेल से बाहर आ गया।

रिहाई के बाद हरिद्वार में रह रहा था कोली
रिहाई के बाद सुरेंद्र कोली उत्तराखंड के हरिद्वार में रह रहा था। हाल के महीनों में वह भूपतवाला इलाके में चाय की दुकान चला रहा था। शुक्रवार को इसी इलाके में उसकी मौत की सूचना मिली। पुलिस ने उसके परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है और मामले की जांच जारी है। करीब दो दशक तक निठारी कांड से जुड़े कानूनी मामलों में रहने के बाद 2025 में सुरेंद्र कोली को सभी संबंधित मामलों में बरी कर दिया गया था। अब उसकी हरिद्वार में हुई मौत के बाद एक बार फिर निठारी कांड और उससे जुड़ी जांच तथा अदालती कार्यवाही चर्चा में आ गई है।
यह भी पढें:बक्सर में शव को घसीटकर पोस्टमार्टम हाउस ले जाने का वीडियो वायरल, अमानवीय व्यवहार पर उठे सवाल