द फॉलोअप डेस्क
सर्व सनातन समाज की ओर से मंगलवार को राजधानी में बांग्लादेश में हिंदू सहित अन्य अल्पसंख्यकों पर हमले और हत्या के विरोध में विरोधमार्च निकाला गया। संगठन की ओर से दिन के 12 बजे मोरहाबादी मैदान से विरोध मार्च आरंभ हुआ। मार्च विभिन्न मार्ग से होकर राजभवन पहुंचा, जहां झारखंड के राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन के चिन्मय मिशन के प्रमुख स्वामी परिपूर्णानंद, विनोद गढ्यान, मेन रोड गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथी विक्रमजीत सिंह, श्वेतांबर जैन समाज के सचिव विनोद विरमानी, बौद्ध समाज के पावन लामा ने सोमवार को रांची रेलवे स्टेशन रोड के एक होटल में कार्यक्रम की इसकी जानकारी दी थी।
क्या है पूरा मामला
विनोद गढ्यान ने कहा बांग्लादेश में अल्पसंख्यक महिलाओं और बेटियों का जबरन धर्मांतरण करने के साथ उनके साथ दुष्कर्म किया जा रहा है। कट्टरपंथी मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों में पूजा-अनुष्ठान के दौरान हमला कर रहे हैं। भारत सरकार को बांग्लादेश पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाकर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि इस्कॉन फाउंडेशन के संत चिन्मय दास जी को देशद्रोही का आरोप लगाकर गिरफ्तार किये जाने का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद 2 A में कहा गया है कि यद्यपि हम मुस्लिम राष्ट्र हैं फिर भी यहां हिन्दू,बौद्ध,सिख और ईसाई सहित अन्य सभी धर्मों की सुरक्षा के लिए हम संकल्पित हैं।फिर भी आज जिस प्रकार से वहां के अल्पसंख्यको के मानवाधिकार का हनन हो रहा है और यूनाइटेड नेशन खामोश है यह एक चिंता का विषय है।
क्या कहा स्वामी दिव्यानंद महाराज ने
अखिल भारतीय संत समाज समिति के उपाध्यक्ष स्वामी दिव्यानंद महाराज ने कहा कि बांग्लादेश सरकार हिंदूओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार को रोके। चिन्मय मिशन के प्रमुख स्वामी पूर्णानन्द ने कहा कि बांग्लादेश को यह नहीं भूलना चाहिए कि आपका जन्मदाता भारत ही है अगर भारत आपसे रूठ जाए तो बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। श्वेतांबर जैन समाज के सचिव बिनोद जैन बेगवानी ने कहा कि बांग्लादेश में अविलंब शांति बहाल होनी चाहिए।