द फॉलोअप डेस्क
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को राहत देने के लिए एक बड़ी पहल की है। उन्होंने 'कैशलेस ट्रीटमेंट' योजना की घोषणा की है, जिसके तहत सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। इस योजना के तहत, सरकार 7 दिनों तक के इलाज के लिए प्रति पीड़ित 1.5 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करेगी। साथ ही सड़क दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने पर 25000 रुपये तक का पुरस्कार देने की बात कही गयी है।

समय पर इलाज सुनिश्चित करने की पहल
गडकरी ने बताया कि दुर्घटना की सूचना पुलिस को 24 घंटे के भीतर दिए जाने पर इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। उन्होंने इस कदम को सड़क दुर्घटनाओं में समय पर उपचार सुनिश्चित करने और पीड़ितों की मदद के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने "गोल्डन ऑवर" की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि दुर्घटना के एक घंटे के भीतर घायल को अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके लिए सरकार ने 2021 में एक पुरस्कार योजना शुरू की थी, जिसमें दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने वालों को नकद इनाम और प्रमाण पत्र दिया जाता है।
गडकरी ने हिट-एंड-रन मामलों में मृतक पीड़ितों के परिवारों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की है। यह कदम ऐसे परिवारों की आर्थिक मदद के उद्देश्य से उठाया गया है।

मानवता को प्रोत्साहन
मंत्रालय की नीति के अनुसार, केवल उन्हीं लोगों को प्रोत्साहन राशि और प्रमाण पत्र दिए जाते हैं, जो ईमानदारी से दुर्घटना पीड़ितों की मदद करते हैं। हालांकि, इस योजना के तहत अब तक कितने लोगों को इनाम दिया गया है, इसका सटीक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं है।
यह योजना न केवल सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए राहतकारी साबित होगी, बल्कि आम लोगों को भी मदद के लिए प्रेरित करेगी। सरकार की यह पहल सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
