द फॉलोअप/ नैशनल
वर्ल्ड लीडर्स फोरम के प्रतिष्ठित मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के विकास, आर्थिक सुधारों, Ease of Living, Ease of Doing Business और वैश्विक सहयोग को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष समिट की थीम ‘Shared Future’ है और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में इसका महत्व और बढ़ गया है। दुनिया के सभी देशों का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है और अलग-थलग रहकर कोई समाधान संभव नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से साझा भविष्य की भावना के साथ आगे बढ़ता रहा है। जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भारत का मंत्र ‘One Earth, One Family, One Future’ रहा। उन्होंने कहा कि Shared Future की भावना और उससे जुड़ा दायित्वबोध 21वीं सदी की कई वैश्विक समस्याओं के समाधान का रास्ता दिखाता है।.jpeg)
भारत को दुनिया देख रही Growth और Hope के Bright Spot के रूप में
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय विकास को लेकर कई तरह की चिंताओं से गुजर रही है। Resources का weaponization और अविश्वास का वातावरण नई चुनौतियां पैदा कर रहा है। इसके बावजूद दुनिया भारत को growth और hope के bright spot के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में भारत ने करीब 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। IMF के forecast का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आने वाले समय में भी दुनिया की fastest growing major economy बना रहेगा।
सात प्रमुख क्षेत्रों पर भारत का फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 15 अगस्त को लाल किले से उन्होंने सप्त-धारा की सप्त-शक्तियों की बात की थी। इसमें Manufacturing, Technology and Innovation, Food Processing, Green और Blue Economy समेत सात प्रमुख क्षेत्रों पर भारत के फोकस को रेखांकित किया गया। उन्होंने कहा कि भारत Policy level पर next generation reforms कर रहा है। Governance और Ease of Living को बेहतर बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये reforms भारत के लिए compulsion नहीं, बल्कि commitment और conviction हैं।
PLP से PLI तक का उदाहरण देकर समझाया बदलाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में PLP यानी Production Linked Punishment और PLI यानी Production Linked Incentive का उदाहरण देते हुए कहा कि ये भारत के दो अलग-अलग दौर को दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि लाइसेंस राज के दौर में कई मामलों में तय सीमा से अधिक उत्पादन करने पर कंपनियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। वहीं आज सरकार उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनियों को incentive दे रही है। प्रधानमंत्री ने PLI योजना के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि सिर्फ इस एक योजना के कारण करीब ढाई लाख करोड़ रुपये का actual investment, 22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का production और sales, 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का exports और 14 लाख से ज्यादा direct और indirect jobs बनी हैं।
‘Prohibited Unless Permitted’ से ‘Permitted Unless Prohibited’ की ओर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में तेज विकास और reforms का एक बड़ा कारण political stability और policy continuity है। उन्होंने बताया कि सरकार regulation की पूरी philosophy को बदल रही है। पहले व्यवस्था का दृष्टिकोण “Prohibited unless permitted” था, यानी सरकार की अनुमति के बिना काम नहीं किया जा सकता था। अब इसे “Permitted unless prohibited” की ओर ले जाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो काम कानून ने स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित नहीं किया है, उसके लिए हर कदम पर अनुमति की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और नागरिक के रिश्ते का आधार suspicion नहीं, बल्कि trust होना चाहिए।.jpeg)
40 हजार से ज्यादा compliances हटाने का दावा
प्रधानमंत्री ने Jan Vishwas Bill का उल्लेख करते हुए कहा कि हर procedural गलती को criminal offence मानना उचित नहीं है। इसी सोच के तहत कई offences को decriminalise किया गया है और कई मामलों में जेल की जगह आर्थिक penalty का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में 40 हजार से ज्यादा compliances हटाए गए हैं और डेढ़ हजार से ज्यादा पुराने एवं बेकार हो चुके कानूनों को समाप्त किया गया है।
रेलवे में सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेलवे में किए गए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज साढ़े 6 हजार से ज्यादा रेलवे स्टेशनों पर electronic interlocking की व्यवस्था है और 10 हजार से ज्यादा level crossing gates को भी interlocking से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि 2014 में करीब 9 हजार unmanned railway crossings थे, जिन्हें मिशन मोड में समाप्त किया गया। साथ ही Road Over Bridge और Road Under Bridge के निर्माण की गति भी बढ़ाई गई। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि 2014 से पहले के मुकाबले ट्रेन दुर्घटनाओं की संख्या में 90 प्रतिशत तक की कमी आई है। उनके अनुसार, जहां करीब 12 साल पहले एक साल में लगभग 150 रेल दुर्घटनाएं होती थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर 15-20 रह गई है।
रेलवे में Bio-Toilets का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने रेलवे में स्वच्छता को भी governance reform का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले ट्रेनों में लगभग 12 हजार bio-toilets लगाए गए थे, जबकि 2014 के बाद ट्रेनों में 3 लाख 60 हजार से ज्यादा bio-toilets लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव सिर्फ स्वच्छता का नहीं, बल्कि यात्रियों की गरिमा और बेहतर यात्रा अनुभव से भी जुड़ा है।
नमो भारत और दिल्ली मेट्रो की punctuality का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल सिस्टम का उदाहरण देते हुए कहा कि इस कॉरिडोर पर ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं और अब तक 4 करोड़ से ज्यादा यात्री यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने इसकी punctuality 99.9 प्रतिशत बताई। प्रधानमंत्री ने दिल्ली मेट्रो की punctuality का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह New York, Hong Kong और Paris जैसे शहरों की Metro से करीब-करीब बराबर हो चुकी है।
Geospatial Data और Drone Sector में reforms
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक भारत में देश का नक्शा बनाने को लेकर भी कई तरह की पाबंदियां थीं। सरकार ने Geospatial Data का deregulation किया, जिसके बाद यह क्षेत्र कई startups के लिए आधार बन रहा है। उन्होंने Drone Sector में हुए reforms का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, पहले ड्रोन से जुड़ी व्यवस्था काफी प्रतिबंधित थी, लेकिन नियमों में बदलाव के बाद भारत की drone industry तेजी से आगे बढ़ रही है।
Border Infrastructure को बताया देश की ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले यह सोच थी कि सीमा क्षेत्रों में infrastructure बढ़ने से इसका लाभ दुश्मन उठा सकता है। उनकी सरकार ने इस सोच को बदला और Border Infrastructure को देश की ताकत माना। उन्होंने कहा कि 2024 और 2025 में BRO के 250 infrastructure projects देश को समर्पित किए गए हैं।
Nuclear और Defence Sector में reforms का जिक्र
प्रधानमंत्री ने Nuclear Energy Sector में हुए reforms का उल्लेख करते हुए कहा कि शांति बिल के जरिए इस क्षेत्र में बड़ा reform किया गया है और भारत में nuclear energy में private sector के लिए रास्ता खुला है। Defence Sector में reforms का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 200 साल से चली आ रही व्यवस्था में बदलाव करते हुए 40 से ज्यादा ordnance factories को merge करके सात factories बनाई गईं। उन्होंने कहा कि 2014 की तुलना में भारत का defence export 55 गुना बढ़ा है।
Digital India और UPI से बदली Ease of Living
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत में QR code के जरिए भुगतान, मोबाइल से पैसे भेजना, ऑनलाइन खरीदारी, डिजिटल सेवाएं और अन्य सुविधाएं आम जीवन का हिस्सा बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले ऐसी कई सुविधाएं सामान्य जीवन का हिस्सा नहीं थीं। भारत ने पिछले 10-12 वर्षों में Ease of Living से जुड़े कई reforms किए हैं, जिससे खासतौर पर middle class का जीवन बदला है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में सस्ता डेटा उपलब्ध है, देश में smartphones का उत्पादन बढ़ रहा है और भारत दुनिया के fastest 5G rollouts करने वाले देशों में शामिल है। Aadhaar को banking, mobile connectivity और services से जोड़कर e-KYC और Digital Authentication जैसी सुविधाओं को संभव बनाया गया है।
ई-संजीवनी से करीब 50 करोड़ Tele-Consultations
प्रधानमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ई-संजीवनी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से दूर-दराज के लोग डॉक्टरों से सीधे परामर्श ले पा रहे हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, अब तक ई-संजीवनी के तहत करीब 50 करोड़ tele-consultations हो चुकी हैं।
Digi Yatra और FASTag का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में Travel Experience भी तेजी से बदल रहा है। एयरपोर्ट पर Digi Yatra, हाईवे पर FASTag जैसी सुविधाओं ने यात्रा को ज्यादा seamless बनाया है। उन्होंने कहा कि Ease of Living का सही अर्थ समय की बचत, जीवन को आसान बनाना और लोगों को अपनी प्रगति पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने का अवसर देना है।
पीएम सूर्यघर योजना से 50 लाख से ज्यादा परिवार जुड़े
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम कुसुम योजना और पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को भविष्य को ध्यान में रखकर किए गए फैसलों का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल मुफ्त बिजली देने की घोषणा करने के बजाय हर घर की छत पर सोलर प्लांट लगाने की दिशा में काम किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, 50 लाख से ज्यादा परिवार पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़ चुके हैं और सरकार ने इन परिवारों को सोलर सिस्टम लगाने के लिए 22 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को अपनी जरूरत की बिजली मिलने के साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर कमाई करने का अवसर भी मिल रहा है।.jpeg)
‘Reform Express’ को और गति देने का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में Ease of Living और Ease of Doing Business का और विस्तार किया जाएगा। Youth, नारीशक्ति, Farmers, गरीब और Middle Class के लिए सरकार लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि “Reform Express” और अधिक गति से आगे बढ़ेगी और विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर भारत का future सुरक्षित और स्थिर होता है, तो दुनिया के future में भी स्थिरता लाने की बड़ी ताकत भारत से पैदा होगी।