गुवाहाटी
आज मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के डिप्लोमैटिक कार्यक्रमों में राज्य के सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्पादों को शामिल करके वैश्विक मंच पर राज्य की समृद्ध विरासत को बढ़ावा दे रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर जानकारी साझा करते हुए सरमा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति को असम की मशहूर 'मनोहरी गोल्ड टी' तोहफे में दी, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य की सबसे बेहतरीन और दुर्लभ चाय किस्मों में से एक को पहचान मिली।

मोदी ने मनोहरी टी एस्टेट में एक रात बिताई थी
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने मनोहरी टी एस्टेट में एक रात बिताई थी, जहाँ यह प्रीमियम चाय तैयार की जाती है। अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री ने चाय बागान के कर्मचारियों से बातचीत की और एस्टेट में चाय बनाने की खास प्रक्रिया के बारे में जाना। सरमा ने बताया कि मनोहरी गोल्ड टी को पूरी तरह विकसित चाय की पत्तियों के बजाय सावधानीपूर्वक हाथ से चुनी गई चाय की कोमल कलियों से बनाया जाता है, जो इसे बेहद दुर्लभ और अपने खास स्वाद व बेहतरीन गुणवत्ता के कारण बहुत कीमती बनाती है।

दुनिया की बेहतरीन चायों में से एक
इसे दुनिया की बेहतरीन चायों में से एक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रीमियम किस्म असम की समृद्ध चाय विरासत और बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि मनोहरी गोल्ड टी को डिप्लोमैटिक तोहफे के तौर पर पेश करने का प्रधानमंत्री का फैसला अंतरराष्ट्रीय मंच पर असम के खास उत्पादों और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने की केंद्र सरकार की लगातार कोशिशों को दिखाता है।
