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सिक्किम में बादल फटने से भारी तबाही, सैन्य कैंप बहा; 82 लापता

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द फॉलोअप डेस्क
उत्तरी सिक्किम के लोहनक झील के ऊपर बादल फटने से तीस्ता नदी का जलस्तर बढ़ा और फिर ऐसी तबाही हुई कि लोगों की रुह कांप गई। अब तक 82 लोग लापता है जिनको खोज जारी है। बता दें कि इनमें से 22 सेना के जवान हैं। वहीं 60 अन्य लोग हैं। इसकी जानकारी देते हुए सेना के प्रवक्ता ले.कर्नल महेंद्र ने बताया कि अचानक भारी मात्रा में जलभराव से चुंगथम बांध टूट गया। जिस कारण बांध के कैचमेंट एरिया में 20 फीट तक पानी भर गया है। वहीं उन्होंने बताया कि एक लापता जवान मिल गया है लेकिन अब भी मलबे में सेना के 41 वाहन दबे हुए हैं। वहीं अन्य इलाके में 10 लोगों की मौत हुई है।


सैकड़ों गांव मुख्य मार्गों से कटे
कर्नल महेंद्र ने आगे बताया कि हर ओर तबाही का मंजर बना हुआ है। इलाके में घूमने आए 3 हजार पर्यटक फंसे हुए हैं। वहीं पानी भर जाने के कारण पूरी इलाके में बिजली गुल है। सैकड़ों गांव मुख्य मार्गों से कट चुके हैं। राज्य सरकार ने इसे आपदा घोषित किया है। कुछ इलाकों में दो घंटे में 15 इंच तक बारिश दर्ज की गई। सिक्किम को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 10 के कई हिस्से बाढ़ में बह गए। दिखचू, सिंगटम और रांगपो शहर जलमग्न हो गए हैं। लान्को हाइडल प्रोजेक्ट के दो प्रमुख बांध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 


पांच किलोमीटर की दूरी पर चीन की सीमा 
जानकारी हो कि सिक्किम की लाचेन घाटी के ऊपरी क्षेत्र में लंबे समय से सेना की तैनाती रही है। बादल फटने वाले स्थान से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर चीन की सीमा है। सामरिक रूप से ये इलाका काफी अहम है। 18 हजार फीट से ज्यादा की ऊंचाई वाले इस स्थान पर अत्यधिक सर्दी और बर्फीले तूफान की आशंका रहती है।

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