द फॉलअप डेस्क
2 साल बाद आज हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में दो दर्जन पार्टियों ने हिस्सा लिया और इसमें पांच अहम मुद्दों पर सहमति बनी। बैठक में विपक्ष के बड़े नेता बड़ी संख्या में इसमें शामिल हुए। कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने हिस्सा लिया। तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने किया, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और RJD नेता तेजस्वी यादव भी बैठक में शामिल हुए। बैठक के बाद, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने विपक्षी गठबंधन की ताकत पर ज़ोर दिया। मीडिया से बात करते हुए, यादव ने कहा कि गठबंधन पांच अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर सहमत हो गया है और उनके लिए आवाज़ उठाने में एकजुट है। उन्होंने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनावी दबदबे को चुनौती देते हुए कहा, "अगर चुनाव बैलेट पेपर से होते हैं, तो BJP के जीतने का कोई मौका नहीं होगा।"

मिलकर काम करने का रोडमैप तैयार किया
INDIA गठबंधन ने चुनावी निष्पक्षता और राष्ट्रीय संकट जैसे मुद्दों पर सरकार को चुनौती देने के लिए एक व्यापक पांच-सूत्रीय योजना पेश की गयी। गठबंधन ने अपनी एकता को फिर से दोहराया और आने वाले महीनों में मिलकर काम करने का रोडमैप तैयार किया। सबसे बड़ी प्राथमिकता चुनावी निष्पक्षता सुनिश्चित करना रही। गठबंधन ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया और वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को औपचारिक रूप से पत्र सौंपने पर सहमति जताई है। साथ ही लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाली व्यापक अनियमितताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए, गठबंधन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने NEET और CBSE परीक्षाओं की मौजूदा स्थिति को देश के युवाओं के साथ "धोखा" बताया और मंत्री को उनके कार्यकाल के दौरान इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।

आर्थिक चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला
गठबंधन ने बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और किसान समुदाय की मुश्किलों जैसी गंभीर आर्थिक चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने केंद्र सरकार से इन ज़रूरी जन-मुद्दों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया। लगातार दबाव बनाए रखने के लिए, INDIA गठबंधन ने सहयोग का एक तरीका तय किया है, जिसके तहत हर दो महीने में औपचारिक बैठकें होंगी। अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में होनी है।

गठबंधन ने बेहतर तालमेल की घोषणा की
आगामी मॉनसून संसदीय सत्र के लिए, गठबंधन ने बेहतर तालमेल की घोषणा की है, जिसमें एक जैसी रणनीति सुनिश्चित करने के लिए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में रोज़ सुबह बैठकें करना शामिल है। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया में हुई इस बैठक में 23 राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। इसका मकसद गठबंधन की राष्ट्रीय रणनीति और मौजूदा राजनीतिक चुनौतियों का मिलकर सामना करने पर चर्चा करना था।

प्रमुख क्षेत्रीय नेता, जो बैठक में शामिल हुए
अन्य प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती और NCP (SP) नेता सुप्रिया सुले शामिल थीं। वामपंथी दलों का प्रतिनिधित्व डी. राजा (CPI) और जॉन ब्रिटास (CPI-M) ने किया। कांग्रेस के पूर्व नेता कपिल सिब्बल और MDMK व VCK जैसे सहयोगी दलों के प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद थे। हालांकि ज़्यादातर नेता खुद बैठक में शामिल हुए, लेकिन रणनीतिक चर्चाओं में अपनी पार्टियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिवसेना (UBT) नेता उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्चुअल तरीके से जुड़े।
