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असम-मेघालय सीमा विवाद सुलझाने की दिशा में अगला कदम, पहले चरण की सीमांकन प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार

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द फॉलोअप डेस्क 
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि मेघालय के साथ सीमा वार्ता का दूसरा दौर तभी होगा जब पहले चरण में सुलझाए गए छह इलाकों की सीमाएं आपसी सहमति से तय कर ली जाएंगी। एक कॉन्फ्रेंस के दौरान यह घोषणा करते हुए सरमा ने कहा कि 'सर्वे ऑफ इंडिया' उन छह इलाकों में अपना काम कर रहा है जिन पर दोनों राज्यों के बीच सहमति बनी थी। मार्च 2022 में विवाद वाले छह इलाकों को लेकर दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इन इलाकों में ताराबारी, गिजांग, हाहीम, बोकलापारा, खानापारा-पिल्लांगकाटा और राटाचेरा शामिल हैं।

'सर्वे ऑफ इंडिया' दोनों राज्यों के बीच सीमा तय करेगा

सरमा ने कहा, "आइए छह सेक्टरों में तय सिद्धांतों के अनुसार काम पूरा करें। एक बार जब 'सर्वे ऑफ इंडिया' अपना काम पूरा कर ले और दोनों राज्य आपसी सहमति से अपनी सीमाएं तय कर लें, तो आखिरी चरणों पर काम शुरू किया जा सकता है।" दोनों राज्यों के बीच सीमा पर छह और विवादित इलाके हैं। इनमें लैंगपिह, नोंगवाह-मावटामुर, देशडुमरिया, ब्लॉक एक, ब्लॉक दो और खंडुली व सियाआर शामिल हैं।


कार्बी आंगलोंग सेक्टर में विवाद सुलझाया गया 
सरमा ने आगे कहा कि दोनों राज्यों ने हाल ही में कार्बी आंगलोंग सेक्टर में एक विवाद को अस्थायी रूप से सुलझाया है। उन्होंने कहा, "असम आगे भी बातचीत करने को तैयार है। ये संवेदनशील मुद्दे हैं, इसलिए हम सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं।" यह बयान गुवाहाटी में मुख्यमंत्रियों की बैठक के कुछ हफ़्ते बाद आया है, जिसमें असम और मेघालय सीमा तय करने की चल रही प्रक्रिया में तेज़ी लाने और बाकी विवादित इलाकों के स्थायी समाधान की दिशा में काम करने पर सहमत हुए थे। दोनों पक्षों ने लंबे समय से लंबित सीमा मुद्दे पर बातचीत जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।


 

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