गुवाहाटी
असम सरकार में शामिल वित्तीय अधिकारियों ने गुवाहाटी में एक प्री-बजट कंसल्टेशन मीटिंग के दौरान कहा कि पिछले दस सालों में असम को 5 लाख करोड़ से ज़्यादा के इन्वेस्टमेंट प्रपोज़ल मिले हैं, जो भारत में एक बड़े इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के तौर पर राज्य के उभरने को दिखाता है। असम BJP द्वारा ऑर्गनाइज़ की गई इस कंसल्टेशन में आने वाले राज्य बजट के लिए प्रायोरिटीज़ पर चर्चा करने के लिए इकोनॉमिस्ट, एकेडमिक्स, एंटरप्रेन्योर, इंडस्ट्री लीडर्स और अलग-अलग सेक्टर्स के रिप्रेजेंटेटिव्स एक साथ आए। वित्त मंत्री ने राज्य के इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन पर ज़ोर दिया, और इन्वेस्टमेंट में दिलचस्पी बढ़ने का क्रेडिट लगातार पॉलिसी रिफॉर्म्स, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और बेहतर होते बिज़नेस माहौल को दिया।
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ईस्ट एशिया के गेटवे के तौर पर तेज़ी से पोज़िशन किया
उन्होंने कहा कि असम ने खुद को नॉर्थ ईस्ट और साउथ-ईस्ट एशिया के गेटवे के तौर पर तेज़ी से पोज़िशन किया है, जिससे कई सेक्टर्स के इन्वेस्टर्स का ध्यान खींचा है। चर्चा में ग्रोथ-ओरिएंटेड बजट बनाने के लिए सुझाव इकट्ठा करने पर फोकस किया गया, जो रोज़गार पैदा करने, इंडस्ट्रियल एक्सपेंशन और इनक्लूसिव डेवलपमेंट को सपोर्ट करता है। पार्टी लीडर्स ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि इन्वेस्टमेंट प्रपोज़ल की संख्या असम की इकोनॉमिक पोटेंशियल में बढ़ते भरोसे को दिखाती है।

इंडस्ट्रियल ग्रोथ की उम्मीदें
अधिकारियों ने बताया, एडवांटेज असम समिट जैसी पहलों से हाल ही में हुए इन्वेस्टमेंट कमिटमेंट से राज्य में लंबे समय तक इंडस्ट्रियल ग्रोथ की उम्मीदें और मज़बूत हुई हैं। राज्य सरकार से उम्मीद है कि वह कंसल्टेशन प्रोसेस से मिले स्टेकहोल्डर फीडबैक को अपने अगले बजट में शामिल करेगी, जिसमें इन्वेस्टमेंट को बनाए रखने पर फोकस होगा।
