गुवाहाटी
असम के टूरिज़्म इकोसिस्टम को मज़बूत करने और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बिज़नेस करने में आसानी लाने के मकसद से, असम कैबिनेट ने 'असम टूरिज़्म एकोमोडेशन (डेवलपमेंट एंड रजिस्ट्रेशन) रूल्स, 2026' को मंज़ूरी दी। इस नए सिस्टम में कई तरह के टूरिस्ट ठहरने की जगहों - जैसे होटल, रिसॉर्ट, मोटल, गेस्ट हाउस, लॉज, सर्विस अपार्टमेंट, होमस्टे, टेंट वाले आवास और हेरिटेज होटल - के लिए सिंगल-विंडो रजिस्ट्रेशन सिस्टम शुरू किया गया है। लोक भवन में हुई बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि ये नियम रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को आसान बनाने, देरी कम करने और टूरिज़्म इंफ्रास्ट्रक्चर में ज़्यादा निवेश को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए हैं।
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रजिस्ट्रेशन हर तीन साल में रिन्यू किए जाएंगे
इस नए सिस्टम की एक खास बात ऑटोमैटिक रिन्यूअल की सुविधा है, जिसके तहत रजिस्ट्रेशन हर तीन साल में रिन्यू किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "सरकार का मानना है कि इस कदम से ऑपरेटर्स के लिए नियमों का पालन करना आसान हो जाएगा और टूरिज़्म से जुड़े बिज़नेस के लिए ज़्यादा अनुकूल माहौल बनेगा।" सरमा ने कहा कि इन सुधारों से खासकर होमस्टे ऑपरेटर्स को फ़ायदा होगा, क्योंकि वे एक खास ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे और लंबी मंज़ूरी प्रक्रियाओं से गुज़रे बिना ऑटोमैटिक रिन्यूअल की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

क्या कहा सीएम हिमंता ने
उन्होंने आगे कहा, "सरकार होमस्टे सेक्टर को आर्थिक प्रोत्साहन और अन्य सहायता उपायों के ज़रिए मदद करने के लिए एक अलग पॉलिसी तैयार कर रही है। उम्मीद है कि राज्य के बजट के बाद इस पॉलिसी को पेश किया जाएगा।" कैबिनेट का यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब असम के एक इंटरनेशनल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर उभरने को लेकर उम्मीदें बढ़ रही हैं। सरमा ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया और जापान के बाद, हाल ही में यूरोपियन यूनियन ने भी असम से जुड़ी यात्रा संबंधी पाबंदियों वाली एडवाइज़री वापस ले ली है। उन्होंने कहा, "ऑस्ट्रेलिया और जापान के बाद, यूरोपियन यूनियन ने भी अपनी यात्रा एडवाइज़री वापस ले ली है। इससे असम आने वाले यूरोपियन पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।" मुख्यमंत्री के अनुसार, अब सिर्फ़ अमेरिका और कनाडा ही राज्य से जुड़ी यात्रा एडवाइज़री बनाए हुए हैं।
