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खराब पड़े एंबुलेंस मद में किया गया 5.74 करोड़ का भुगतान, विभाग तत्काल जांच कराएः बाबूलाल मरांडी

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द फॉलोअप, रांची
प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को पत्र लिख कर एम्बुलेंस सेवा में हो रही वित्तीय अनियमितता एवं कथित भ्रष्टाचार की शीघ्रातिशीघ्र जाँच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि एम्बुलेंस संचालक एजेन्सी सम्मान फाउडेंशन को किए गए अधिक राशि के भूगतान को वापस लेते हुए उक्त एजेन्सी को काली सूची (Blacklisted) में डाला जाय साथ ही इस लूट तंत्र के जिम्मेवार पदाधिकरी एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाय। कर्मचारियों के हितों से सम्बन्धित मामले में भी संज्ञान लेकर इसके निराकरण हेतु पहल करें एवं कृत कार्रवाई से उन्हें भी अवगत कराएं।


    बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे राज्य में मरीजों की सुविधा हेतु 108 एम्बुलेंस सेवा पिछले कई वर्षों से संचालित हो रही है। बेशक सरकार की इस पहल से मरीजों को सुविधा मिल रही है, लेकिन समय-समय पर एम्बुलेंस वाहनों की खराबी की वजह से यह सेवा बाधित भी रहती है। कमोबेश हरेक जिलों में कुछ एम्बुलेंस वाहन खराब पड़ा रहता है और इन खराब वाहनों का भी सरकार द्वारा निर्धारित दर प्रतिमाह एजेन्सी/संचालक को विभाग की मिलीभगत से भुगतान किया जाता है। यह समाचार कई बार अखबारों में प्रमुखता से प्रकाशित भी हुआ है, लेकिन इस वित्तीय अनियमितता एवं हो रहे भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे यह प्रतीत होता है कि विभागीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी की इस भ्रष्टाचार में संलिप्तता है।


  खराब पड़े 80 एंबुलेंस का 618 महीने का हुआ भुगतान

 बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि उन्हें विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात एवं साक्ष्य के रूप में कुछ महत्वपूर्ण कागजात मिले हैं, जो पत्र के साथ संलग्न कर प्रेषित कर रहा हूँ। प्राप्त साक्ष्य के अनुसार विभाग द्वारा 543 एम्बुलेंस वाहन का परिचालन किया जा रहा है। वर्ष 2025 के 05 फरवरी को 500 एम्बुलेंस वाहनों का परिचालन का जिम्मा सम्मान फाउडेंशन, पटना (संचालक इरफान आलम) की कम्पनी को दिया गया, जिसमें से लगभग 2200 चालक, टेक्नीशियन, कॉल सेन्टर स्टॉफ कार्यरत हैं।  80 एम्बुलेंस विभिन्न जिलों में कई-कई महीनों से खराब पड़े हैं लेकिन इन खराब पड़े एम्बुलेंस का भी निर्धारित दर प्रति एम्बुलेंस 93,000/- रूपये प्रति माह की दर से सम्मान फाउडेंशन को विभाग द्वारा भुगतान किया जा रहा है, जो भ्रष्टाचार का जीता-जागता प्रमाण है। महीनों से खराब पड़े एम्बुलेंस की विस्तृत सूची रजिस्टेशन नम्बर पत्र के साथ संलग्न है। इन खराब पड़े सभी 80 एम्बुलेंस का महीनावार कुल मिलाकर 618 महीना होता है जिसका भुगतान विभाग द्वारा 5 करोड़ 74 लाख 74 हजार रूपया कर दिया गया है, यह भ्रष्टाचार का बड़ा नमूना है एवं सरकारी पैसे की लूट है। करोड़ों रूपये की हुई लूट की उच्च स्तरीय जाँच कराना एवं संचालक और लूट तंत्र में शामिल दोषी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।


कर्मचारियों के पीएफ का 7.12 करोड़ बकाया   

 दूसरी बात यह है कि सम्मान फाउडेंशन संचालक पटना के इरफान आलम द्वारा कर्मचारियों का फरवरी 2025 से अक्टूबर 2025 (9 माह) तक का पीएफ/ईएसआई राशि जमा नहीं किया गया है, जो लगभग 7 करोड़ 12 लाख रूपये हैं। कर्मचारियों के हितों से सम्बन्धित मामला है। तीसरी महत्वपूर्ण बात है कि कर्मचारियों को फरवरी 2025 से जुलाई 2026 का वेतन लम्बित है। संचालक के द्वारा आश्वासन दिया जाता है लेकिन अमल नहीं हो रहा है एवं अन्य कई समस्याएँ यथा कर्मचारियों के वेतन, ओवरटाईम भुगतान से सम्बन्धित है, जो बहुत ही गंभीर विषय है।


 

Tags - Jharkhand ambulance corruption Babulal Marandi health investigation