द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह जिला स्थित डुमरी के दूधपनिया गांव का रहने वाला एक प्रवासी मजदूर का पार्थिव शरीर रविवार की देर शाम सऊदी अरब से रांची पहुंचा। जानकारी के मुताबिक, मृतक का नाम विजय कुमार महतो है। बताया जा रहा है कि लगभग साढ़े तीन महिने बाद मृतक का शरीर वतन पहुंचा। बताते चलें कि 23 अक्टूबर 2025 को सऊदी अरब में पुलिस की गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी। सऊदी पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ के दौरान विजय चपेट में आ गये थे। जानकारी के अनुसार, रिम्स स्थित शवगृह में शव को रखा गया था। डु्मरी के CDPO सुमित कुमार ने कहा कि परिवार के सदस्यों ने संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से पीड़ित परिवार के समर्थन में खड़ा है। परिवार की सहमति के आधार पर ही पुलिस-प्रशासन काम करेगा।

बताते चलें कि विजय हुंडई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करने सऊदी अरब गये थे। एशिया पावर नामक मैन पावर सप्लाई कंपनी के माध्यम से वह दुबई गये थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद विजय के परिजन लगातार शव को भारत लाने और कंपनी से मुआवजा मिलने का गुहार लगा रहे थे। वहीं, राज्यपाल से भी मिलकर अपनी व्यथा सुनायी थी। बताते चलें कि परिजनों द्वारा मुख्यमंत्री, विदेश मंत्रालय और श्रम आयुक्त को भी पत्र लिखकर मुआवजा की मांग की गई थी। जानकारी के अनुसार, विजय के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। वहीं, पत्नी का कहना है कि इनका कोई सहारा नहीं बचा है। घर में दूसरा कोई कमाने वाला नहीं है और अबतक मुआवजा को लेकर कंपनी के तरफ से कोई प्रयास नहीं किया गया है। पत्नी ने कहा कि तीन महीने तक हम शव को भारत लाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे। लंबे इंतजार के बाद शव आया, लेकिन
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परिवार के सदस्यों को एक पैसा नहीं मिला है। साथ ही परिजनों ने सरकार से मुआवजा दिलाने के लिए भी आग्रह किया। वहीं, पत्नी ने बताया कि गोली लगने के बाद विजय महतो ने आखिरी बार पत्नी बसंती से बात की थी। वाट्सऐप कॉल कर वह जिंदगी के लिए गिड़गिडा रहा था। विजय ने पत्नी को बताया था कि उसे कोई इलाज कराने नहीं ले जा रहा है। हालांकि, परिवार वालों का कहना है कि कंपनी विजय से अवैध काम करा रही थी। बहरहाल, विधानसभा में भी प्रवासी मजदूर विजय की मौत का मामला उठा था। बताते चलें कि डुमरी विधायक जयराम महतो और माले विधायक अरूप चटर्जी ने मामला को उठाते हुए विजय महतो का शव को भारत लाने की व्यवस्था करने और मुआवजा की मांग की थी। साथ ही विधायकों का कहना था कि विजय के परिजनों को सरकार मुआवजा दिलाये।