द फॉलोअप डेस्क
लोहरदगा जिले के नगर भवन में आदिवासी कर्मचारी समिति के द्वारा करम पूर्व संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत शामिल हुए। लोहरदगा जिला के सरकारी आदिवासी कर्मचारियों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने नाटक के माध्यम से आदिवासी संस्कृति और करम की महत्ता को प्रस्तुत किया। मौके पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।
करम पूर्व संध्या कार्यक्रम में सांसद सुखदेव भगत नगाड़ा बजाते और मांदर की थाप पर झूमते नजर आए। उन्होंने आदिवासी समाज को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि "जे नाची से बाची" कहावत में हमारी संस्कृति छुपी हुई है। करम हमारी संस्कृति की पहचान है, और आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति को बचाने के लिए हमेशा आगे आना चाहिए। सांसद ने कहा कि संस्कृति बचेगी तभी आदिवासी समाज बचेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे सदन में झारखंड की संस्कृति को बचाने के लिए हमेशा आवाज बुलंद करते रहेंगे।
