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सहकारिता को मजबूत करने के लिए कोल्हान में प्रशिक्षण सेमिनार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने पर जोर

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फॉलोअप, जमशेदपुर
सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और ग्रामीण नागरिकों को सहकारिता से जोड़कर विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण सह सेमिनार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां तथा पश्चिमी सिंहभूम (कोल्हान) क्षेत्र की विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सेमिनार में एलएएमपीएस/पैक्स, एमपीसीएस, इंडस्ट्रियल को-ऑपरेटिव सोसाइटी, हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसाइटी, क्रेडिट को-ऑपरेटिव, व्यापार मंडल, लेबर को-ऑपरेटिव सहित अन्य प्रकार की सहकारी समितियों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से आम नागरिकों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी संस्थाओं की भूमिका को और प्रभावी बनाना रहा।

सेमिनार में वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता आंदोलन को मजबूत कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की तथा भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सहकार से समृद्धि के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात कही गई। कार्यक्रम में सहकारी समितियों को तकनीक के माध्यम से अधिक प्रभावशाली और पारदर्शी बनाने, आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था अपनाने तथा समितियों को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही ग्रामीण युवाओं को सहकारी क्षेत्र से जोड़कर उन्हें दीर्घकालिक रोजगार एवं करियर के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई।

सेमिनार में यह भी कहा गया कि आने वाले समय में सहकारी संस्थाओं की पहुंच को और व्यापक बनाया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में झारखंड कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के चेयरमैन सत्यइंद्र चौहान, एजी कुजूर, ममता कुमारी, जयमनी कुमारी, नवनीत कुमार, कन्हैया प्रसाद, रवींद्र कुमार दास समेत कई अन्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।

Tags - Jharkhand Cooperation Kolhan Movement Training