द फॉलोअप, रांची
पंचायती राज विभाग ने राज्य में पंचायत चुनाव को लेकर आवश्यक प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुट गया है। पंचायत चुनाव से पहले ट्रिपल टेस्ट के लिए विभाग ने पिछड़ा वर्ग आयोग को नामित करने का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। कैबिनेट की अगली बैठक में विभाग के इस प्रस्ताव पर मुहर लगने की पूरी संभावना है। इसके बाद पिछड़ा वर्ग आयोग एजेंसी का चयन कर ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया प्रारंभ कर देगा। साथ ही पंचायत चुनाव को लेकर अन्य आवश्यक तैयारियां भी प्रारंभ कर दी जाएगी। विभाग का यह भी मानना है कि नगर निकाय चुनाव के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा कराए गए ट्रिपल टेस्ट पर कोई विवाद नहीं हुआ। इसलिए पिछड़ा वर्ग आयोग के माध्यम से ही ट्रिपल टेस्ट कराना बेहतर होगा।

बैलेट पेपर से ही पंचायत चुनाव
आधिकारिक जानकारी के अनुसार राज्य में पंचायत चुनाव को लेकर पंचायती राज विभाग और राज्य निर्वाचन आयुक्त के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। इस बैठक में ईवीएम या बैलेट पेपर से चुनाव कराने के मुद्दे पर गंभीर मंथन किया गया। अंततः इस बात पर सहमति बनी की पंचायत चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से ही कराया जाएगा। क्योंकि राज्य सरकार के पास पंचायत चुनाव में प्रयुक्त होनेवाले ईवीएम मशीन की पर्याप्त संख्या नहीं है। फिर ईवीएम मशीन खरीदने पर लगभग 25 करोड़ से अधिक की राशि खर्च होगी। इतना ही नहीं राशि खर्च कर ईवीएम क्रय कर लिए जाने पर भी वह पांच साल बाद होने वाले चुनाव के समय आउट डेटेट हो जाने की संभावना रहती है। इसलिए नगर निकाय चुनाव की तरह बैलेट पेपर के माध्यम से ही चुनाव कराया जाएगा।

इस बार आठ तरह के होंगे आरक्षण
राज्य में पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल मई-जून 2027 में पूरा हो रहा है। विभाग अप्रैल 2027 तक पंचायती राज संस्थाओं का चुनाव करा लेने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। पिछले चुनाव में पंचायती राज संस्थाओं में छह तरह के आरक्षण थे। एसटी सामान्य, एसटी महिला, एससी सामान्य, एसटी महिला, जेनरल और जेनरल महिला। इस बार दो और पद जुड़ेंगे। ओबीसी सामान्य और ओबीसी महिला। इस तरह ट्रिपल टेस्ट के आंकड़े के आधार पर पंचायती राज संस्थाओं के पदों को आठ कोटि में चिह्नित किया जाएगा।
