द फॉलोअप डेस्क
लोहरदगा में कुड़मियों को आदिवासी सूची में शामिल करने की उनकी मांग को लेकर आदिवासी समाज ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बीएस कॉलेज मैदान से शहरी क्षेत्र में आदिवासी समुदाय के लोगों ने जनआक्रोश मार्च निकाला, जिसमें कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इस मार्च में निशा भगत, कांग्रेस नेता अभिनव सिद्धार्थ, आदिवासी नेता अरविंद उरांव, और अंजू कुमारी समेत कई अन्य नेता उपस्थित थे।
आदिवासी संगठनों द्वारा निकाले गए इस आक्रोश मार्च में हजारों लोग सड़क पर उतरे और कुड़मी महतो की मांग के विरोध में नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान आदिवासी समाज के लोग डुमरी से विधायक जयराम महतो, मांडू से विधायक तिवारी महतो, और आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो सहित कुड़मी नेताओं के खिलाफ विरोध जताते हुए नारेबाजी करते दिखे।
विरोध स्वरूप आदिवासी समुदाय के लोगों ने राज्य सरकार को कुड़मी और महतो समुदाय को आदिवासी सूची में शामिल करने का विरोध करते हुए ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज किसी भी हालत में कुड़मी (महतो) को आदिवासी सूची में शामिल नहीं होने देगा और यह आंदोलन और तेज होगा।
आदिवासी समाज के लोग एकजुट होकर राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कह रहे हैं कि अगर उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो यह जन आंदोलन का रूप ले सकता है। इसके अलावा, उन्होंने झारखंड के 28 आदिवासी विधायकों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनका समय आएगा और उन्हें इसका हिसाब देना होगा। आदिवासी समाज ने साफ शब्दों में कहा कि वह अपनी हकमारी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
