logo

रात में महिला के घर घुसकर उसे पकड़ना और कपड़े उठाना रेप का प्रयास नहीं, हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

रात में महिला के घर घुसकर उसे पकड़ना और कपड़े उठाना रेप का प्रयास नहीं, हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

द फॉलोअप डेस्क, रांची:

रात के समय किसी महिला के घर में घुसकर उसके कपड़े उठाना या उसे पकड़ना भारतीय दंड संहिता की धारा 376/511 के तहत रेप का प्रयास नहीं माना जायेगा, जब तक इसके आगे रेप को अंजाम देने का कोई स्पष्ट या प्रत्यक्ष प्रयास नहीं किया गया है। झारखंड हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति द्वारा दायर आपराधिक अपील की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट में जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने यह फैसला सुनाया है। जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि अपराध की तैयारी और प्रयास के बीच बारीक, लेकिन जरूरी कानूनी अंतर होता है। 

कोर्ट ने फैसले के पक्ष में क्या तर्क दिए हैं
कोर्ट ने कहा कि आईपीसी की धारा 511 के तहत किसी व्यक्ति को रेप के प्रयास का दोषी ठहराना हो  तो अभियुक्त द्वारा ऐसा प्रत्यक्ष और निर्णायक कदम उठाना जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि तभी स्पष्ट होगा कि कृत्य सीधे तौर पर दुष्कर्म के अपराध को पूरा करने की ओर अग्रसर था। कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त का पीड़िता के घर में जबरन घुसना, उसे पकड़ना या उसके कपडे उठाना, लज्जा भंग करनेया यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला हो ससकता है, लेकिन जब तक ऐसा सीधा कृत्य नहीं किया गया है, उसे रेप का प्रयास नहीं कहा जायेगा। 

निचली अदालत द्वारा दी गई सजा कम की
हाईकोर्ट ने उपरोक्त तर्क के साथ निचली अदालत द्वारा अभियुक्त को दी गई सजा और दोषसिद्धी को रद्द कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने अभियुक्त को पूरी तरह बरी नहीं किया, बल्कि आईपीसी की अन्य सुसंगत धाराओं मसलन लज्जा भंग करने के इरादे से हमला और आपराधिक बल के प्रयोग (धारा 354) और रात में बिना अनुमति के किसी घर में घुसना (धारा 456/457) के तहत अपराध माना है। 

Tags - Jharkhand High CourtAttempted to RapeRape CaseJharkhand News