द फॉलोअप डेस्क
झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सिरमटोली फ्लाई ओवर निर्माण को सही करार दिया है। कोर्ट ने सरना स्थल और रैंप विवाद को लेकर पूर्व विधायक गीताश्री उरांव व सरना समिति द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सरना स्थल और रैंप विवाद को लेकर दायर याचिकाएं राजनीति से प्रेरित है।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने झारखंड सरकार की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सिरमटोली फ्लाई ओवर का तीन साल पूर्व 2022 में ही निर्माण प्रारंभ हुआ था। लेकिन उस समय किसी भी संस्था या समिति ने इसका विरोध नहीं किया। फ्लाई ओवर निर्माण पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं करायी। अब इस फ्लाई ओवर के निर्माण पर करोड़ों की राशि खर्च हो चुकी है। फ्लाई ओवर के रैंप से सरना स्थल को कोई क्षति नहीं पहुंची है। इसके अलावा सिरमटोली फ्लाई ओवर बनने से लोगों को आने जाने में सहुलियत हो रही है। कांटाटोली से डोरंडा आने-जानेवाले लोगों को सुविधा हो रही है। प्रतिदिन हजारों लोगों को आवागमन में सुविधा हो रही है। सरकार के तर्क से सहमत होते हुए कोर्ट ने दोनों याचिकाएं खारिज कर दी।
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