द फॉलोअप, रांची
झारखंड हाईकोर्ट ने रांची जिले में वर्ष 2016 की होमगार्ड बहाली प्रक्रिया से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की एकल पीठ ने इससे संबंधित सभी याचिकाओं की सुनवाई करते हुए उसका निबटारा कर दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में उपायुक्त को निर्देश दिया है कि वे सभी दावों की विधिसम्मत जांच कर 20 सप्ताह के भीतर कारणयुक्त आदेश पारित करें। यदि किसी अभ्यर्थी का दावा सही पाया जाता है तो उसके पक्ष में अगले छह सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई भी सुनिश्चित करें।

याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि वर्ष 2016 की होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में वे प्रथम, द्वितीय और तृतीय चयन सूची में सफल घोषित किए गए थे। दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी और वे नामांकन तथा प्रशिक्षण की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसके बावजूद 27 दिसंबर 2022 को जारी अंतिम सूची में उन्हें असफल घोषित कर दिया गया, जबकि उनसे कम अंक प्राप्त करने वाले कई अभ्यर्थियों का चयन कर उन्हें मेडिकल जांच और प्रशिक्षण के लिए भेज दिया गया। अभ्यर्थियों ने अंतिम चयन सूची को रद्द करने, नई मेरिट सूची जारी करने तथा अपने चयन पर विचार करने की मांग की थी।
