द फॉलोअप डेस्क
झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (जेट) 2024 की परीक्षा नहीं होने को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने परीक्षा तिथि के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बताए जाने पर गहरी नाराजगी जतायी। कोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के सचिव से पूछा है कि जेट 2024 की परीक्षा तिथि क्या है और इसके आयोजन को लेकर अब तक क्या-क्या ठोस तैयारियां की गई हैं। सुनवाई के दौरान जेपीएससी के अपर सचिव की ओर से मार्च माह में संभावित परीक्षा होने की बात कही गई, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया और इसे टालमटोल का संकेत माना।

खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि जब इस परीक्षा के लिए 1,75,000 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है और दिसंबर 2025 में आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है तो ढाई महीने बीत जाने के बाद भी परीक्षा क्यों नहीं कराई गई। अदालत ने यह भी कहा कि पिछले कई वर्षों से जेट आयोजित नहीं हुई है, जिससे प्रतीत होता है कि आयोग इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। हाईकोर्ट 26 फरवरी को अगली सुनवाई करेगा। यह मामला असिस्टेंट प्रोफेसर एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान उठा। जेपीएससी की ओर से अदालत को बताया गया कि जेट 2024 आयोजित की जा रही है और इसका परिणाम शीघ्र जारी किया जाएगा।
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