जीतेंद्र कुमार, रांची
डीपीएस स्कूल और बिरसा चौक के बीच सड़क के दोनों किनारे बने अवैध निर्माण को यूं ही नहीं हटाया जा रहा है। राज्य सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की गयी है। सरकार ने झारखंड राज्य आवास बोर्ड को हस्तांतरित 306 एकड़ जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का सख्त निर्देश दिया है। ताकि आवास बोर्ड वहां अपनी चिरप्रतीक्षित योजनाओं को लागू कर सके। साथ ही राज्य सरकार की विभिन्न सड़क और फ्लाई ओवर की योजनाओं को पूरा किया जा सके। आधिकारिक जानकारी के अनुसार एचईसी से ली गयी जमीन में से राज्य सरकार वर्षों पहले 306 एकड़ जमीन झारखंड राज्य आवास बोर्ड को सशुल्क हस्तांतरित किया था। लेकिन इसमें लगभग 107 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण था। इसे अब सरकार तय रणनीति के तहत खाली करा रही है। जिला प्रशासन पर जमीन को खाली कराने का भारी दबाव है। स्पष्ट निर्देश भी है।
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306 एकड़ जमीन का पूरा मामला
केंद्र सरकार ने 2020 में HEC (Heavy Engineering Corporation), रांची की 675.43 एकड़ जमीन झारखंड सरकार को हस्तांतरित करने को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य जमीन के इस्तेमाल से लगभग ₹742.98 करोड़ जुटाकर HEC की वैधानिक देनदारियां और अन्य देनदारियां चुकाना था। 306.06 एकड़ जमीन रांची के धुर्वा क्षेत्र के आनी और मुड़मा मौजा में है। आवास बोर्ड का 306 एकड़ में से लगभग 89 एकड़ में एक एकीकृत आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना है। इसमें फ्लैट, सड़क, जलापूर्ति, ड्रेनेज और दूसरी शहरी सुविधाएं शामिल करने की बात कही गई थी। 306 एकड़ में 199 एकड़ जमीन खाली थी, जबकि बाकी हिस्से पर अतिक्रमण था। बोर्ड ने अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार नोटिस जारी किया। लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। इस कारण आवास बोर्ड ने चरणबद्ध तरीके से भूमि के उपयोग का फैसला किया। उसी क्रम में 87 एकड़ में आधुनिक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव बनाया। इसमें फ्लैट, डुप्लेक्स, स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग मॉल, पार्क/गार्डन, ड्रेनेज, पेयजल और अन्य सुविधाएं प्रस्तावित थीं। वहीं एक दूसरे प्रशासनिक प्रस्ताव में 88.99 एकड़ में हाउसिंग कॉलोनी की योजना है। बोर्ड ने लगभग 2696 करोड़ की योजना पर सरकार से प्रशासनिक स्वीकृति देने की मांग भी की । इसके लिए HUDCO से वित्तीय सहायता के भी प्रयास हुए। हालांकि अब तक इस पर अंतिम फैसला नहीं हो सका। अब जमीन के अतिक्रमण मुक्त होने पर इन योजनाओं पर काम आगे बढ़ने की संभावना है।

जमीन खाली कराने के पीछे कई और भी हैं कारण
हिनू में एमरॉल्ड होटल से डीपीएस स्कूल होते हुए सेल सिटी से जगन्नाथ मंदिर तक स्वर्णरेखा नदी फ्लाईओवर बनना है। इसकी लंबाई करीब आठ किमी होगी. सेल सिटी तक नदी के ऊपर फिर जमीन के ऊपर फ्लाईओवर होगा। डीपीएस पेट्रोल पंप के पास रेलवे लाइन पर आरओबी भी बनाया जायेगा। इसी तरह विवेकानंद स्कूल मोड़ से जगन्नाथपुर होते हुए नया सराय तक सिक्स लेने मुख्य सड़क का निर्माण होना है। इसकी लंबाई 6.089 किमी है। इसमें 6-लेन मुख्य सड़क, दोनों तरफ सर्विस रोड और पक्के शोल्डर मिलाकर इसे 10-लेन कॉरिडोर बनाया जाएगा। ROB से रिंग रोड तक लगभग 2.12 किमी सड़क को अलग से चौड़ा किया जाएगा। इसी तरह कई अन्य योजनाएं हैं, जो अतिक्रमण के कारण जमीन पर उतारने में सरकार को परेशानी हो रही है।