द फॉलोअप डेस्क
अवैध निर्माण को रेगुलर करने की योजना का प्रारूप तैयार किए जाने की दिशा में सरकार ने त्वरित कार्रवाई की। इससे यह दर्शाता है कि सरकार लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए काफी संवेदनशील है। प्रथम दृष्टया नियमितीकरण योजना 2022 की नीति के प्रावधान काफी सरल है। इससे साफ है कि लाखों लोग लाभान्वित होंगे। ये बातें चैंबर भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड चैंबर के अध्यक्ष किशोर मंत्री ने कही। इस कार्य के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। 31 दिसंबर 2019 तक बिना नक्शे के निर्मित भवनों को रेगुलर किए जाने से लाखों लोग इसका लाभ ले सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड चैंबर, क्रेडाई, आर्किटेक्ट एसोसियेशन और बिल्डर्स एसोसिएशन की संयुक्त बैठक आयोजित कर, ड्राफ्ट की बारीकियों का अध्ययन कर, लोगों को भी सुझाव देने के लिए प्रेरित करने का कार्य किया जाएगा। सरकार ने रेगुलाइज शुल्क को काफी न्यूनतम रखने की हमारे सुझाव को नीति में सम्मान दिया है।
महुआ माझी को दिया श्रेय
योजना का ड्राफ्ट तैयार कर सार्वजनिक किए जाने की पहल का पूर्व अध्यक्ष मनोज नरेडी ने स्वागत किया। उन्होंने इसका सारा श्रेय राज्यसभा सांसद माझी को देते हुए उनके प्रति आभार जताया और नीति के मुख्य बिंदुओं से अवगत कराया। नगर पंचायत में अवस्थित आवासीय भवनों को 50 रुपए, म्युनिसिपल काउंसिल 75 रुपए और नगर निगम क्षेत्र में अवस्थित भवनों के लिए नियमितीकरण शुल्क 100 रुपए निर्धारित की गई है। इसी प्रकार गैर आवासीय भवनों के लिए 75 रुपए, 100 रुपए और अधिकतम 150 रुपए निर्धारित है।

सरकार की नीयत और नीति स्पष्ट
पूर्व अध्यक्ष विनय अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने 22 वर्षों से बनी हुई समस्या के समाधान की प्रशंसनीय पहल की है। पूर्व की नीतियों को देखकर ऐसा कभी प्रतीत नहीं हुआ कि सरकार समस्या का समाधान चाहती है। मगर योजना 2022 का प्रारूप के प्रावधान इस बात को प्रमाणित करता है कि सरकार की नीयत और नीति स्पष्ट है। सरकार लोगों की समस्याओं का समाधान करने के मूड में है। पूर्व की नीति में शुल्क अधिक होने के साथ ही प्रावधानों को काफी जटिल रखा गया था। जिस कारण लाखों रुपए रांची नगर निगम के फंड में आज भी संस्पेंस एकाउंट में जमा है जिसका कोई उपयोग नहीं है। सरकार ने इसे भी इस नीति में इन्कॉरपोरेट किया है। जनहित से जुडे मुद्दे पर साकारात्मक पहल के लिए मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद को उन्होंने धन्यवाद दिया
झारखंड के लिए ऐतिहासिक दिन
राज्यसभा सांसद महुआ माझी ने कहा कि आज झारखंड के लिए ऐतिहासिक दिन है। बार-बार निगम द्वारा भवनों को तोडने के आदेश से लोग चिंतित रहते थे। अपर बाजार में निगम द्वारा भवनों को तोड़ने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे मुझे काफी तकलीफ होती थी। मुख्यमंत्री ने लोगों की तकलीफ को देखते हुए एक साकारात्मक फैसला लिया है। इस फैसले से सिर्फ रांची में ही 2 लाख लोग राहत की सांस लेंगे। आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश को इसका लाभ मिलेगा। राज्यवासियों को इस राहत भरी खबर के लिए बधाई। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित की समस्या पर प्रत्येक समस्याओं के समाधान की दिशा में मेरा यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

क्रांतिकारी निर्णय लेने के लिए सीएम का जताया आभार
चैंबर महासचिव डॉ. अभिषेक रामाधीन और उपाध्यक्ष अमित शर्मा ने संयुक्त रूप से एक क्रांतिकारी निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने हमें आश्वस्त किया था कि एक माह के अंदर नीति का प्रारूप तैयार कर सार्वजनिक किया जाएगा, जो कर दिया गया। नीति में हमारे कई सुझावों को प्राथमिकता दी गई है। मौके पर चैंबर के उपाध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, सह सचिव शैलेश अग्रवाल, आरएमसी उप समिति चेयरमेन अमित किशोर भी उपस्थित थे।