द फॉलोअप डेस्क
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार बड़ी शिद्दत से नौजवानों का भविष्य गढ़ने में लगी है। उन्होंने बताया कि आज लगभग 8-9 नौ हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है। इस वर्ष अब तक 16 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र दिया जा चुका है। इसके अलावा निजी क्षेत्र में भी लगभग आठ हजार से अधिक नियुक्तियां हुई है। हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछले कार्यकाल में भी 24-25 सरकारी नौकरियां और 18 हजार से अधिक गैर सरकारी क्षेत्र में नियुक्तियां की गयी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दी जा रही नियुक्तियां बहुत बड़ी है। शायद ही इससे पहले किसी सरकार के कार्यकाल में इतनी नियुक्तियां दी गयी हो। लेकिन उनका मन आज उत्साहित भी है और भावुक भी है। आज अगर गुरुजी होते तो उन्हें यह मंजर देखने की खुशी होती। उनका हमें आशीर्वाद मिलता। वह देखते कि कैसे राज्य के हर वर्ग के लिए सरकार काम कर रही है। चाहे युवा हों, किसान हो, महिला हो, समाज के हर वर्ग के पास सरकार कुछ न कुछ सौगात लेकर जा रही है। मुख्यमंत्री आज अपनी सरकार की पहली वर्षगांठ पर मोरहाबादी मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह को मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रहे थे।

चयनित अभ्यर्थियों में महिलाएं भी बहुत
मुख्यमंत्री ने बताया कि सहायक आचार्य पद के लिए दी जा रही नियुक्तियों में लगभग 40 फीसदी महिलाएं हैं। इसी तरह जेपीएससी की परीक्षा से उत्तीर्ण हुए अभ्यर्थियों में भी 30 फीसदी से अधिक महिलाएं हैं।

विपक्ष पर कसा तंज
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध करा रही है। लेकिन विपक्ष सवाल पर सवाल करने से नहीं चूक रहा है।50 तरह के सवाल खड़े कर रहा है। इतना ही नहीं नियुक्ति प्रक्रिया को कोर्ट कचहरी में ले जाकर फंसाने का भी काम कर रहा है। यहां कई गिरोह भी इस प्रक्रिया को बाधित करने में लगा है। यह गिरोह चाहता है कि झारखंड के नौजवानों का भविष्य बेहतर न हो। वे अपने पैरों पर खड़े नहीं हों। वे राज्य के विकास का हिस्सा नहीं बनें। उन्होंने पाक साफ परीक्षा करवायी। सीजीएल परीक्षा को लेकर तरह तरह की अफवाहें उड़ायी गयी। बहुत सारे तिकड़म किए गए। अफवाह फैलाने वाले आज जेल की सीखचों में हैं। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से पूछा कि क्या किसी की पैसा और पैरवी से नियुक्ति हुई है क्या।
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नव नियुक्त कर्मियों का आह्वान
मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त शिक्षक-पदाधिकारियों का आह्वान किया कि वे सरकार के अंग बन कर ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जेपीएससी से चयनित पदाधिकारी एक संकल्प लेकर जिले में जाएं। वहां अपने जैसा एक पदाधिकारी बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि 25 वर्ष के युवा झारखंड में अब तेजी से बदलाव की जरूरत है। तेजी से कदम बढ़ाने की जरुरत है। उन्होंने बार बार दुहराया कि आज मोरहाबादी मैदान में जितनी संख्या में लोग उपस्थित है, इतनी संख्या वह नेता होकर भी नहीं जुटा पाते। इससे बहुत खुशी मिलती है। उन्होंने चयनित पदाधिकारियों और शिक्षकों से आग्रह भी किया कि वह सरकार के साथ साथ अपने परिवार पर भी ध्यान दें। क्योंकि उनके ऊपर लगभग 40-50 हजार लोग आश्रित हैं।