द फॉलोअप डेस्क
झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता सह झारखंड कोलियरी मज़दूर यूनियन के महासचिव फागू बेसरा ने केंद्र सरकार के द्वारा चार श्रमिक कोड्स लागू करने की घोषणा का विरोध किया है । उन्होंने कहा है कि यह राष्ट्र के मेहनतकश मज़दूरों के साथ एक बड़ा धोखा है। यह श्रमिक विरोधी और पूँजीपति परस्त लेबर कोड्स है। इसकी एकतरफ़ा और मनमानी घोषणा निंदनीय है। उन्होंने कहा है कि तथाकथित चार लेबर कोड्स की अधिसूचना लोकतांत्रिक भावना का भी उल्लंघन है। उनकी पार्टी दमनकारी लेबर कोड्स का विरोध उस दिन से कर रहे हैं जब ये 29 केंद्रीय श्रम क़ानूनों को ख़त्म कर के पारित किए गए।

फागू बेसरा ने कहा कि सितंबर 2020 में औद्योगिक संबंध कोड,सामाजिक सुरक्षा कोड,व व्यवसायिक सुरक्षा,स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियाँ कोड पारित किए गए थे। उसी समय तत्काल विरोध किया गया था। सभी श्रमिक संगठनों के द्वारा आंदोलन किया गया था । 9 जुलाई 2025 की ऐतिहासिक और देशव्यापी हड़ताल जिसमे 25 करोड़ से अधिक मज़दूरों ने हिस्सा लिया था । इसके बावजूद केन्द्र की सतारूद्ध सरकार बिहार चुनाव में मिली जीत से मदमस्त होकर आज से चारों लेबर कोड्स को लागू कर सुपर एम्पायर महसूस कर रही है ।

संयुक्त मंच ने बार बार सरकार से भारतीय श्रम सम्मेलन तत्काल बुलाने और लेबर कोड्स को वापस लेने की माँग की है। यह माँग 13 नवंबर को श्रम मंत्रालय द्वारा आयोजित श्रम शक्ति नीति 2025 की बैठक में तथा 20 नवंबर को वित मंत्रालय की प्री बजट परामर्श बैठक में भी दोहराई गई है। लेकिन सरकार असंवेदनशील बनी रही। इसके बावजूद केन्द्र सरकार ने सभी अपील,विरोध और हड़तालों को नज़रअंदाज़ करते हुए इन कोड्स को लागू कर दिया है। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र औद्योगिक संगठनों महासंघों का संयुक्त मंच के आह्वान पर 26 नवंबर 25 को संयुक्त,जुझारू प्रतिरोध और अवज्ञा की करवाई में झारखंड कोलियारी मज़दूर यूनियन झारखंड के मज़दूर शामिल होंगे ।
