जामताड़ा:
जामताड़ा जिले में जारी भीषण गर्मी और जल संकट के बीच द फॉलोअप की खबर का सकारात्मक असर हुआ है। 'भीषण गर्मी के बीच जल संकट, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे तलपोखरिया के ग्रामीण' शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित खबर के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आ गया है। गांव में बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। विभाग ने टेक्नीशियन की टीम को गांव में भेजा है।

युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू
गौरतलब है कि बीते 28 अप्रैल को 'फॉलोअप' ने फतेहपुर प्रखंड के जामजोड़ी पंचायत अंतर्गत तलपोखरिया स्कूल टोला में पानी की विकराल समस्या को लेकर विस्तार से खबर प्रकाशित की थी। खबर में बताया गया था कि किस प्रकार ग्रामीण चिलचिलाती धूप में पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। प्रशासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए बुधवार, 29 अप्रैल को तत्काल मिस्त्रियों की टीम गांव भेजी। गांव में बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत का कार्य अब युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।

विभाग की पहल पर ग्रामीणों में खुशी
लंबे समय से खराब पड़े चापाकालों के ठीक होने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, "हमने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी कि कभी ये चापाकल दोबारा पानी देंगे, लेकिन मीडिया के प्रयास और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने आज हमारा दुख दूर कर दिया है।"
सोलर जल मीनार को लेकर नई मांग
राहत मिलने के साथ ही ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष एक और महत्वपूर्ण मांग रखी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में 2 सोलर जल मीनार भी स्थापित हैं, जो फिलहाल तकनीकी खराबी के कारण बंद हैं। यदि इन जल मीनारों को भी दुरुस्त कर दिया जाए, तो भविष्य में गांव में पानी की समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा। फिलहाल, चापाकल ठीक होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।