द फॉलोअप डेस्क
सिमडेगा जिले के जलडेगा थाना क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2019 में घटित दोहरे हत्याकांड में सिमडेगा पुलिस के वैज्ञानिक अनुसंधान एवं उत्कृष्ट अभियोजन के फलस्वरूप आज न्याय मिला। जलडेगा थाना कांड संख्या 33/19, धारा 302 के आरोपी मकरू मांझी, पिता- स्व. बिरसा मांझी, ग्राम- रोबगा गंझूटोली, थाना- जलडेगा, जिला- सिमडेगा को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिमडेगा की अदालत ने आजीवन कारावास तथा 20 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक अमर कुमार चौधरी ने प्रभावशाली रूप से पैरवी की, वहीं अनुसंधानकर्ता के रूप में S.I बालेश्वर पाण्डेय की भूमिका सराहनीय रही। बता दें कि 31 मई 2019 की रात करीब 11 बजे आरोपी मकरू मांझी ने अपने ही गांव के निवासी बिरसू मांझी एवं उनकी पत्नी सुकरो देवी की घर में घुसकर पत्थर और टांगी से मारकर हत्या कर दी थी। अगले दिन, 1 जून 2019 की सुबह करीब 6 बजे सुकरु मांझी, वादी चौकीदार अर्जुन बड़ाइक के पास पहुंचा और हत्या की जानकारी दी। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि घटना के पीछे गांव में स्थित कुसुम पेड़ को लेकर आपसी विवाद था।
