द फॉलोअप डेस्क:
Children Education: साहेबगंज (Sahebganj) के मंडरो प्रखंड के ग्राम पंचायत दामिनभीठा (Damimbhitha) अंतर्गत संचालित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय (primary school) तेतरिया पहाड़ भगवान भरोसे चल रहा है। जहां सरकार पहाड़िया आदिम जनजाति के बच्चों को पढ़ाने एवं साक्षर बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन शिक्षा विभाग के जिम्मेदार पदाधिकारियों की उदासीनता के कारण स्कूल से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ पहाड़िया आदिम जनजाति (Indigenous People) के बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। स्कूल (School) में पदस्थापित शिक्षक मनमाने ढंग से स्कूल का संचालन कर रहे हैं और अपनी मर्जी से कभी-कभार स्कूल आते हैं। यह बात उस वक्त स्पष्ट हुई, जब मंगलवार को सुबह 11:30 बजे ग्राम पंचायत के पंचायत समिति सदस्य सुरेश पहाड़िया पंचायत भ्रमण के दौरान स्कूल पहुंचे, तो स्कूल पूरी तरह बंद पाया गया।

बच्चों को नहीं मिल रहा मध्यान भोजन का लाभ
पंचायत समिति सदस्य सुरेश पहाड़िया ने इसकी जानकारी मीडिया कर्मियों को दी। गांव के आसपास मौजूद बच्चों से जब इसकी जानकारी ली गई, तो बच्चे स्कूल के शिक्षक का नाम तक नहीं बता पाए। बच्चों से मध्यान भोजन के बारे में जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि स्कूल नियमित रूप से नहीं खुलता है, जिसके कारण उन्हें मध्यान भोजन का भी लाभ नहीं मिलता है। स्कूल के चारों तरफ गंदगी ही गंदगी फैली हुई है।

लापरवाह शिक्षक पर कार्रवाई की मांग
अब देखना होगा कि लापरवाह शिक्षक एवं संकुल के सीआरपी के साथ-साथ जिम्मेदार पदाधिकारियों पर कब तक कार्रवाई होती है या फिर मामले को रफा-दफा किया जाता है। इधर, मीडिया को जानकारी देते हुए पंचायत समिति सदस्य सुरेश पहाड़िया ने बताया कि मामले की जानकारी उनके द्वारा जिला के उपायुक्त एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ-साथ तमाम वरीय पदाधिकारियों को दी जाएगी।