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छात्रों से वार्ता टूटी, मंत्रियों ने कहा : JSSC में 50 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी हुए तो PT और Mains दोनों, Mains में पदों के 15% का होगा चयन

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रांची 
छात्रों से वार्ता के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री चमरा लिंडा और मंत्री संजय प्रसाद यादव ने प्रेस वार्ता की। मंत्रियों ने कहा कि सरकार ने कई बिंदुओं पर उदारता दिखाते हुए छात्रों से विधानसभा घेराव नहीं करने का आग्रह किया, लेकिन छात्र नहीं माने। उन्होंने कहा कि छात्रों की तीनों मांगों पर चर्चा की गई और सरकार लगभग सारी जायज मांगों को मानने के लिए तैयार है। हालांकि, बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि वार्ता टूट गई। मंत्रियों ने कहा कि 14वीं JPSC में गड़बड़ी मिलने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर CID जांच का आदेश दिया गया है। किसी भी दोषी को सरकार बचाने की कोई मंशा नहीं है। वहीं CGL के मुद्दे पर छात्रों को बताया गया कि यह प्रक्रिया कोर्ट की निगरानी में हुई है। इसलिए इसे रद्द नहीं करते हुए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में जांच कराई जाएगी। इस मामले में ED को भी पत्र लिखा जाएगा।
मंत्रियों ने छात्रों और उनके अभिभावकों से आग्रह किया कि वे आंदोलन के रास्ते पर न जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर है और सभी जायज मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार कर रही है। सरकार की ओर से एक पोर्टल भी जारी किया जा रहा है, जिसके माध्यम से राज्य के बच्चे अपनी शिकायत और जानकारी दे सकेंगे।
CID ने कहा- शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करें छात्र
प्रेस वार्ता के दौरान CID ADG ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों का अहित न हो, इस पर जोर रहेगा। छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध करें। उन्होंने कहा कि CID बिना किसी देर के जांच कर रही है। CGL जांच के मामले में CID ADG ने कहा कि यदि किसी जांच की आवश्यकता है तो उन्हें पत्र लिखा जाए। अगर पुख्ता सबूत होंगे तो निश्चित रूप से जांच की जाएगी।
JSSC में 50 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी हुए तो PT और Mains दोनों
मंत्रियों ने कहा कि JSSC की परीक्षाओं में अब यदि 50 हजार से ज्यादा बच्चे होते हैं तो PT और Mains दोनों आयोजित किए जाएंगे। पदों की संख्या के 15 प्रतिशत बच्चे ही Mains के लिए चयनित होंगे। Mains परीक्षा CBT मोड में होगी।
मंत्रियों ने कहा कि पूरी CML बच्चों को उपलब्ध करा दी जाएगी, जिससे उन्हें पता चल सके कि वे कितने पानी में हैं, यानी उनका चयन हो पाएगा या नहीं। सरकार ने एक बार फिर छात्रों से आंदोलन का रास्ता छोड़कर बातचीत के जरिए अपनी मांगें रखने की अपील की।
 

Tags - Student Protest JPSC JSSC CGL Investigation Jharkhand Government