जमशेदपुर
नीट परीक्षा में धांधली और झारखंड में लागू किये जा रहे क्लस्टर कॉलेज सिस्टम के विरोध में छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है. ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ने 15 मई को कोल्हान विश्वविद्यालय के समक्ष बड़े छात्र प्रदर्शन का ऐलान किया है. एआईडीएसओ के पश्चिमी सिंहभूम जिला सचिव सत्येन महतो ने प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार के उस फैसले की कड़ी आलोचना की, जिसमें राजस्थान पेपर लीक मामले के बाद भी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को दोबारा परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. उन्होंने कहा कि तीन वर्षों में यह दूसरी बार है जब इस संस्था पर परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. इसके बावजूद सरकार का उसी एजेंसी पर भरोसा जताना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है.
NTA को रद्द करने की मांग उठी मांग
उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से कोचिंग माफिया और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है. एआईडीएसओ ने इस मुद्दे को लेकर जिलेभर में छात्र आंदोलन तेज करने की बात कही है और एनटीए को रद्द करने की मांग उठायी है. जिला उपाध्यक्ष जतिन दास ने कहा कि इस वर्ष करीब 23 लाख छात्रों ने नीट परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं ने उनकी मेहनत और उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के भी सैकड़ों अभ्यर्थियों का मनोबल टूटा है, ऐसे में इस मुद्दे पर देशव्यापी विरोध जरूरी है.
छात्रवृत्ति में देरी, सत्र विलंब शिक्षकों की कमी में देना चाहिये धयान
वहीं, जिला अध्यक्ष सगुन हांसदा ने झारखंड सरकार के क्लस्टर कॉलेज सिस्टम को भी छात्रों के हितों के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि राज्य में पहले से ही छात्रवृत्ति में देरी, सत्र विलंब और शिक्षकों की कमी जैसी गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों के समाधान के बजाय नये प्रयोग थोप रही है. सगुन हांसदा ने बताया कि इन सभी मुद्दों को लेकर 15 मई को कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष छात्र, अभिभावक और बुद्धिजीवी एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे. एआईडीएसओ ने सभी वर्गों से इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की है.
