गोड्डा/पोड़ैयाहाट
पोड़ैयाहाट प्रखंड के सरविंधा गांव में एसआईआर (SIR) ड्यूटी के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) संजू टुडू की ब्रेन हेमरेज से हुई दुखद मौत का मामला अब गरमाता जा रहा है। इस घटना को लेकर स्थानीय विधायक प्रदीप यादव ने सीधे चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को विधायक प्रदीप यादव मृतिका संजू टुडू के गांव सरविंधा पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और अपनी ओर से तत्काल आर्थिक सहायता राशि प्रदान करते हुए आगे हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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परिजनों का बड़ा आरोप: "SIR का परसेंटेज बढ़ाने का था भारी दबाव"
मृतिका बीएलओ संजू टुडू के परिजनों ने इस दुखद घटना के पीछे विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि:
"संजू टुडू पिछले कई दिनों से अत्यधिक मानसिक तनाव (Mental Stress) में थीं। उन पर विभाग की ओर से SIR का परसेंटेज जल्द से जल्द बढ़ाने का लगातार और भारी दबाव बनाया जा रहा था। इसी मानसिक दबाव और टारगेट को पूरा करने की चिंता के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और अंततः उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया, जिससे उनकी जान चली गई।"

भारी-भरकम काम, पर सुरक्षा शून्य: प्रदीप यादव
विधायक प्रदीप यादव ने इस पूरे मामले को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया।
विधायक ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा, "चुनाव आयोग और सरकार बीएलओ से बेहद भारी-भरकम, जिम्मेदारी वाला और अत्यधिक मानसिक दबाव का काम लेती है। लेकिन विडंबना यह है कि इन कर्मियों को बिना किसी सुरक्षा या इंश्योरेंस के फील्ड में भेज दिया जाता है। अगर ड्यूटी के दौरान ऐसी कोई अनहोनी होती है, तो इसका रिस्क कौन लेगा?"

पश्चिम बंगाल की घटना का दिया हवाला
विधायक ने सिस्टम की संवेदनहीनता पर प्रहार करते हुए याद दिलाया कि इस तरह की दर्दनाक घटनाएं पहले पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान भी घट चुकी हैं, जहां अत्यधिक काम के दबाव के कारण बीएलओ की जान गई थी। इसके बावजूद झारखंड में चुनाव आयोग ने इससे कोई सबक नहीं लिया और आज तक बीएलओ की सुरक्षा के लिए कोई ठोस नियम या बीमा पॉलिसी नहीं बनाई गई।
विधायक प्रदीप यादव की प्रमुख मांगें:
मुआवजा व नौकरी: मृतिका संजू टुडू के आश्रितों को अविलंब 10 लाख रुपये की सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
सभी BLO का मुफ्त बीमा: राज्य में कार्यरत सभी बीएलओ को सुरक्षा प्रदान करने के लिए चुनाव आयोग तुरंत 'निःशुल्क जीवन एवं दुर्घटना बीमा' की व्यवस्था करे।
विधायक ने चुनाव आयोग से पुरजोर आग्रह किया है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द कोई नीतिगत और सकारात्मक निर्णय लें, ताकि भविष्य में किसी अन्य बीएलओ के परिवार को इस तरह की आर्थिक और मानसिक त्रासदी से न गुजरना पड़े। मौके पर BDO फुलेश्वर मुर्मू, मुखिया मुकेश टुडू, विधायक प्रतिनिधि अनिल सोरेन एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
