द फॉलोअप डेस्क
श्रावण मास शुरू होने वाला है और इसके साथ ही झारखंड का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन श्रावणी मेला भी 11 जुलाई से आरंभ होने जा रहा है। लाखों कांवरियों की आस्था से जुड़े इस मेले को लेकर सरकार ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। इस बार एक बड़ा फैसला लिया गया है, बाबा बैद्यनाथ धाम में किसी भी श्रद्धालु को वीआईपी एंट्री की सुविधा नहीं मिलेगी। सभी को लाइन में लगकर जलापर्ण करना होगा।
देवघर सर्किट हाउस में हुई समीक्षा बैठक में झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने यह घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेले में किसी को विशेष ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा। रविवार और सोमवार को "शीघ्र दर्शनम" कूपन पर भी रोक रहेगी। श्रावण के रविवार और सोमवार को बाबाधाम में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में कोई भी विशेष सुविधा आम भक्तों के लिए असुविधा का कारण बन सकती है। इसी वजह से 2 दिन शीघ्र दर्शन की सुविधा नहीं दी जाएगी ताकि हर किसी को समान अवसर मिले और भीड़ नियंत्रण में रहे।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि सुल्तानगंज से जल लेकर आने वाल कांवरियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षा मिले, यही सरकार की प्राथमिकता है। तैयारियों का लगभग 90 से 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि जगह-जगह शिविर, स्वास्थ्य केंद्र और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था होगी। सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। साफ-सफाई और यातायात की बेहतर व्यवस्था भी की जा रही है। गौर करने वाली बात यह है कि देवघर के बाबाधाम में VIP एंट्री पर रोक लगाई गई है, लेकिन बैजनाथ धाम (जमशीदपुर) में अभी भी VIP दर्शन की व्यवस्था बनी हुई है। यहां सामान्य दिनों में 500 रुपए शुल्क लेकर विशेष दर्शन की सुविधा दी जाती है।
