धनबाद
आजसू पार्टी के 41वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार को धनबाद में विशाल जनाक्रोश मार्च और सभा का आयोजन किया गया। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो के नेतृत्व में निकले इस मार्च में झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
मार्च गोल्फ ग्राउंड से शुरू होकर कोयला नगर स्थित नेहरू कॉम्प्लेक्स मैदान तक पहुंचा, जहां जनाक्रोश सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, विधायक निर्मल महतो समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
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सरकार पर भ्रष्टाचार और संरक्षणवाद के आरोप
सभा को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विकास और जनकल्याण की बजाय वसूली की राजनीति हावी हो गई है। महतो ने कहा कि जनता ने वर्तमान सरकार से बड़ी उम्मीदें की थीं, लेकिन सरकार जनभावनाओं पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराध और प्रशासन के बीच कथित गठजोड़ की चर्चाएं आम हो चुकी हैं।

झारखंड आंदोलनकारी बिनोद बिहारी महतो, एके रॉय और शिबू सोरेन को किया याद
धनबाद से जुड़े चर्चित मामलों का उल्लेख करते हुए सुदेश महतो ने निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि गंभीर आरोपों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। अपने संबोधन में सुदेश महतो ने झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं बिनोद बिहारी महतो, एके रॉय और शिबू सोरेन के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि अलग राज्य के निर्माण के लिए कई संगठनों और नेताओं ने लंबा संघर्ष किया, जिसकी विरासत को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

विस्थापितों, युवाओं और स्थानीय मुद्दों को उठाया
आजसू प्रमुख ने कहा कि राज्य के विस्थापितों, भूमिहीनों और युवाओं की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि रोजगार, स्थानीय अधिकार और संसाधनों पर स्थानीय लोगों की भागीदारी जैसे मुद्दों पर सरकार अपेक्षित काम नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जनता की आवाज को नजरअंदाज किया गया तो पार्टी राज्यभर में आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। सभा के दौरान कार्यकर्ताओं ने भी विभिन्न जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। कार्यक्रम को लेकर धनबाद में पूरे दिन राजनीतिक हलचल बनी रही और इसे आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।