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18 राज्यों के एससीएस कैडर के अधिकारी आईएएस बन गए, झारखंड ने अब तक सूची भी नहीं भेजी

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द फॉलोअप डेस्क
देश के 18 राज्यों के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों (एससीएस) को रिक्ति के विरुद्ध भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में प्रोन्नति मिल चुकी है। केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय ने आईएएस में प्रोन्नति संबंधी अधिसूचना जारी कर चुका है। गुजरात जैसे राज्यों के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को फरवरी 2025 में ही प्रोन्नति मिल चुकी है। लेकिन दुर्भाग्यजनक स्थिति यह है कि आईएएस में प्रोन्नति पानेवाले झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का पैनल भी अभी तक यूपीएससी को नहीं भेजा गया है। यहां मालूम हो कि झारखंड से वर्ष 2024 में झाप्रसे से आईएएस में प्रोन्नति के लिए कुल 19 रिक्तियां हैं। अर्थात राज्य प्रशासनिक सेवा के 19 अधिकारी आईएएस में प्रोन्नत होंगे। विशेष परिस्थिति को छोड़ कर तय मानदंड के अनुसार एक जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच प्रोन्नति पर अंतिम निर्णय ले लिए जाने का प्रावधान है। लेकिन अब तक 19 रिक्तियों के विरुद्ध 57 अधिकारियों का पैनल ही नहीं भेजा गया है।


किस राज्य के अधिकारी को कब मिली आईएएस में प्रोन्नति
केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक लगभग 18 राज्यों के अधिकारियों को आईएएस में प्रोन्नति दी जा चुकी है।
गुजरात-20 फरवरी 2025
केरल--26 मार्च 2025
पश्चिम बंगाल-21 मार्च 2025
उड़ीसा-01 अप्रैल 2025
हिमाचल प्रदेश-23 मई 2025

राज्य सरकार द्वारा पैनल भेजने के बाद भी डेढ़ दो महीने का समय लगता है
यहां मालूम हो कि रिक्त पद के विरुद्ध तीन गुणा अधिकारियों का पैनल यूपीएससी को भेजे जाने का प्रावधान है। इस तरह 19 रिक्ति के विरुद्ध झाप्रसे के 57 अधिकारियों का पैनल यूपीएससी को भेजा जाना है। पैनल भेजे जाने के बाद यूपीएससी सूची में दर्ज अधिकारियों का सीआर,आपराधिक मामले और कई अन्य विषयों की जांच-पड़ताल करता है। उसके बाद फिर यूपीएससी प्रोन्नति पर विचार करने के लिए बैठक की तिथि निर्धारित करता है। उस बैठक में राज्य से मुख्य सचिव, कार्मिक सचिव और मुख्य सचिव रैंक के एक अन्य अधिकारी शामिल होते हैं। उसके बाद प्रोन्नति पानेवाले अधिकारियों के नाम पर सहमति बनती है। यूपीएससी द्वारा अनुशंसित नामों को केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को भेजा जाता है। केंद्र सरकार फिर राज्य सरकार से सलेक्ट लिस्ट पर कंक्रेंस लेता है। उसके बाद आईएएस में प्रोन्नति संबंधी अधिसूचना जारी की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में डेढ़ से दो महीने का समय लगता है।


वरीयता को लेकर विवाद
इधर राज्य सरकार द्वारा अब तक यूपीएससी को पैनल नहीं भेजे जाने के पीछे वरीयता को लेकर विवाद बताया जाता है
जानकारी के अनुसार प्रोन्नति पानेवाले अधिकारियों का पैनल भेजने में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की वरीयता का विवाद भी एक कारण बना है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अलग झारखंड राज्य बनने के बाद अधिकारियों का कैडर बंटा। कैडर बंटने के बाद एक तिहाई अधिकारी बिहार से झारखंड आए। उनकी वरीयता सूची बनी। लेकिन बीच के कालावधि में भी कुछ अधिकारी आपसी अंडर स्टैंडिंग या अन्य कारणों से बिहार से झारखंड की सेवा में आए। सुप्रीम कोर्ट ने एक मुकदमें में ऐसे अधिकारियों की वरीयता नीचे रखने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनी वरीयता सूची को लेकर कई तरह के विवाद कायम रहे। इस कारण भी यूपीएससी को पैनल नहीं भेजा जा सका।सूत्रों के अनुसार इस बार 19 रिक्ति के विरुद्ध बीपीएससी के 39 वें ऐर 40 वें बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को आईएएस में प्रोन्नति मिलने की उम्मीद है।

Tags - Jharkhand SCS IAS Promotion List of SCS officers not sent to the Centre 19 officers to be promoted to IAS