द फॉलोअप डेस्क
भूमि संरक्षण कार्यालय, साहिबगंज और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के संयुक्त तत्वावधान में सिध्दो-कान्हू सभागार में लखपति दीदी सम्मान सह परिसंपत्ति वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उपायुक्त हेमंत सती, उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का और अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
उपायुक्त हेमंत सती ने अपने संबोधन में कहा कि इस समारोह का मुख्य उद्देश्य जिले की महिलाओं की मासिक आमदनी बढ़ाकर उन्हें 'लखपति दीदी' के रूप में सशक्त बनाना है। उन्होंने महिलाओं से अपने कार्यों में विविधता लाने का आग्रह किया, ताकि वे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। उन्होंने बताया कि सरकार 150 से अधिक योजनाओं के तहत बकरी, मुर्गी, सूअर पालन, बॉयलर, मधुमक्खी पालन, सब्जी बीज और तालाब निर्माण जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध करा रही है।
उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा ने बताया कि साहिबगंज जिले में 25,000 लखपति दीदियां तैयार हो चुकी हैं, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि जिले के 1,43,000 परिवारों को सरकार और जेएसएलपीएस के माध्यम से जोड़ा गया है और उन्हें प्रशिक्षण, स्किल डेवलपमेंट और बैंक लिंकेज की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ये महिलाएं सामाजिक कुरीतियों जैसे हरिया-दारु और डायन प्रथा को समाप्त करने की दिशा में भी काम कर रही हैं।
इस अवसर पर उपायुक्त हेमंत सती ने बोरियो, राजमहल, बरहेट, बड़हरवा और तालझारी प्रखंडों के 9 लखपति दीदी समूहों को मिनी ट्रैक्टर वितरित किए। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागीय कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में 1.90 करोड़ रुपये (वीआरएफ), 0.87 करोड़ रुपये (आरएफ), 3.00 करोड़ रुपये (सीआईएफ) और 0.10 करोड़ रुपये (पीजी फंड) की परिसंपत्तियों का भी वितरण किया गया। चयनित 'लखपति दीदियों', बीपीएम, सीसी, आईपीआरपी और कैडर्स को प्रमाणपत्र दिए गए। दो 'लखपति दीदियों' ने मंच से अपनी सफलता की कहानियाँ साझा कीं, जिन्होंने सभी को प्रेरित किया।
