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साहिबगंज में RPF ने 5 नाबालिग बच्चों को किया रेस्क्यू, घर से बिना बताए निकले थे सभी

साहिबगंज में RPF ने 5 नाबालिग बच्चों को किया रेस्क्यू, घर से बिना बताए निकले थे सभी

साहिबगंज:
साहिबगंज (RPF) आरपीएफ पोस्ट बरहरवा की टीम ने नियमित गश्त और सघन चेकिंग  के दौरान तीनपहाड़ (Teenpahar) एवं बरहरवा रेलवे स्टेशन (Barharwa Railway Station) से अलग-अलग परिस्थितियों में पांच नाबालिग बच्चों (Five minor children) को रेस्क्यू कर सुरक्षित संरक्षण के लिए संबंधित संस्था को सुपुर्द किया। आरपीएफ (RPF) की कार्रवाई से संभावित जोखिम की स्थिति में पहुंचने से पहले बच्चों को सुरक्षित किया जा सका।

आरपीएफ पोस्ट बरहरवा के प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में जवान तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान एक नाबालिग बालिका अपने करीब दो वर्षीय छोटे भाई को गोद में लेकर अकेले घूमती मिली। संदेह होने पर आरपीएफ ने उसे रोककर पूछताछ की। बालिका ने बताया कि पारिवारिक कारणों से मां की डांट से नाराज होकर वह अपने छोटे भाई को साथ लेकर घर से निकल गई थी और भटकते हुए तीनपहाड़ स्टेशन पहुंच गई। आरपीएफ ने दोनों बच्चों को तत्काल सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर बरहरवा आरपीएफ पोस्ट पहुंचाया। इसके बाद बरहरवा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक और वेटिंग रूम में चेकिंग के दौरान तीन अन्य नाबालिग बच्चों को अलग-अलग स्थानों से संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। पूछताछ में इन बच्चों ने भी बिना माता-पिता को बताए घर से निकलने की बात बताई।

प्रेम संबंध के चलते घर से निकले दो नाबालिग
पूछताछ के दौरान 17 वर्षीय नाबालिग बालक और 16 वर्षीय नाबालिग बालिका, दोनों थाना तीनपहाड़ क्षेत्र के निवासी बताए गए। दोनों ने बताया कि वे करीब दो वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और आपस में प्रेम संबंध था। परिवार की सहमति नहीं होने के कारण दोनों ने 4 अक्टूबर 2026 को बिना परिजनों को बताए घर छोड़ दिया और बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। दोनों का उद्देश्य बरहरवा से पश्चिम बंगाल की ओर जाने का था। आरपीएफ टीम ने समय रहते दोनों को सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया।

फेसबुक के जरिए पटना के युवक से संपर्क
वहीं, बरहेट थाना क्षेत्र की रहने वाली 16 वर्षीय एक अन्य नाबालिग बालिका ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले मोबाइल फोन और फेसबुक के माध्यम से पटना निवासी एक व्यक्ति से उसका परिचय हुआ था। दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी और वह उक्त व्यक्ति से मिलने के लिए पटना जाना चाहती थी। बालिका के अनुसार, इस संबंध को लेकर परिवार के सदस्य सहमत नहीं थे और उसे अक्सर डांटते थे। इसी कारण वह 4 अक्टूबर की रात करीब आठ बजे बिना माता-पिता को बताए घर से निकल गई और सड़क मार्ग से बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंची। वह पटना जाने की तैयारी में थी, तभी आरपीएफ की नजर उस पर पड़ गई।

परिजनों से संपर्क कर संस्था को सौंपा
आरपीएफ कर्मियों ने सभी पांच नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लाकर आवश्यक पूछताछ और सत्यापन किया। इसके बाद उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया गया। नियमानुसार आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी पांच बच्चों को मंथन, बरहरवा की प्रतिनिधि आराधना मंडल एवं अंशु मालाकार को आगे की आवश्यक कार्रवाई, देखरेख एवं संरक्षण के लिए सुपुर्द किया गया।

अभिभावकों से आरपीएफ की अपील
आरपीएफ ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और उनकी भावनात्मक एवं व्यक्तिगत समस्याओं को समझने का प्रयास करें। मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल के साथ-साथ बच्चों की गतिविधियों पर भी उचित निगरानी रखें, ताकि किसी तनाव, पारिवारिक विवाद या भावनात्मक स्थिति में बच्चे बिना बताए घर से निकलकर जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में न पहुंचें।

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