रांची
लक्ष्मी मुंडा उर्सलाइन स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा है। शनिवार सुबह वह रोज़ की तरह स्कूल गई थी। घर से निकलते समय उसका छोटा-सा घर और दुकान दोनों सुरक्षित थे। लेकिन दोपहर में जब वह पढ़ाई करके लौटी, तो उसने देखा कि नगर निगम की टीम उसके घर और दुकान को तोड़ चुकी थी। जिस जगह सुबह तक उसका आशियाना था, वहां अब सिर्फ मलबा बिखरा पड़ा था। फॉलोअप में खबर प्रकाशित होने के बाद देर रात रांची की मेयर रोशनी खलखो बच्ची के परिवार से मिलने पहुंचीं।
बेघर हो गई लक्ष्मी मुंडा, स्कूल से लौटी तो देखी घर तोड़ दिया@HemantSorenJMM @mbhajantri @ranchipolice @JharkhandCMO @DC_Ranchi @rmccommissioner pic.twitter.com/uTvWA7g0JH
— The Followup (@The_FollowUp) July 11, 2026
सूचना मिलते ही मेयर रोशनी खलखो देर रात पीड़िता से मिलने पहुंचीं
रांची में नगर निगम के द्वारा शनिवार को बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद मोरहाबादी स्थित रजिस्ट्री कार्यालय के पास रहने वाली एक महिला का आशियाना उजड़ गया, जिसके बाद घंटों महिला परिवार और सामान के साथ सड़क किनारे बैठी रही। घटना की जानकारी मिलने पर रांची मेयर रोशनी खलखो देर रात पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं और महिला से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। रोशनी खलखो ने संबंधित अधिकारियों को महिला और उसके परिवार के लिए तत्काल अस्थायी ठहरने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही, पात्रता के आधार पर स्थायी आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू करने का आश्वासन दिया। महिला ने आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले उन्हें पर्याप्त सूचना नहीं दी गई थी। 
बिना नोटिस बुलडोजर चलने से परिवार बेघर
दरअसल, लगातार हो रही बारिश में पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। लक्ष्मी की किताबें और कॉपियां बारिश में भीग रही हैं। सिर्फ कागज़ ही नहीं, उसके सपने भी भीग रहे हैं। वैज्ञानिक बनने का सपना देखने वाली यह होनहार छात्रा आज अपने भविष्य को लेकर पूरी तरह टूट चुकी है। उसके चेहरे पर एक ही सवाल है - अब पढ़ाई कैसे होगी और सपने कैसे पूरे होंगे? लक्ष्मी की मां सरिता मुंडा सदमे में हैं। वह बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। आंखों में आंसू लिए वह बताती हैं, "मेरी मां भी मोरहाबादी के इसी रजिस्ट्री ऑफिस के सामने रहती थीं। मेरी बेटी लक्ष्मी का जन्म भी यहीं हुआ। यही हमारा घर था, यही हमारी दुनिया थी। लेकिन आज बिना किसी नोटिस के हमारा घर और दुकान तोड़ दिया गया