द फॉलोअप डेस्क
रांची के धुर्वा स्थित JSCA स्टेडियम में मंगलवार रात झारखंड टी-20 क्रिकेट लीग के फाइनल मुकाबले के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्टेडियम के बाहर अव्यवस्था और भीड़ नियंत्रण में भारी चूक के कारण भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें 22 क्रिकेट प्रेमी घायल हो गए। इनमें सात लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। फाइनल मैच में मुफ्त प्रवेश होने के कारण अनुमान से कहीं अधिक संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंच गए। बड़ी संख्या में लोग प्रवेश नहीं कर सके, जिससे नाराजगी बढ़ती गई और हालात अचानक बेकाबू हो गए।

सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त, गेटों पर बढ़ा दबाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्टेडियम के नॉर्थ, वेस्ट और साउथ तीनों गेटों पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। सुरक्षा व्यवस्था भीड़ के दबाव के आगे पूरी तरह विफल साबित हुई। हजारों दर्शकों को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं थे। प्रवेश नहीं मिलने से नाराज लोगों ने कई स्थानों पर बेरिकेडिंग को धक्का देकर तोड़ दिया, जबकि कुछ गेटों को भी नुकसान पहुंचाया गया। साउथ और नॉर्थ गेट के बाहर पीछे से लगातार बढ़ रही भीड़ लोगों को धकेलते हुए आगे बढ़ती रही, जिससे कई लोग गिर पड़े और घायल हो गए।

अफवाहों ने बढ़ाई भीड़, पुलिस-प्रशासन से नहीं था समन्वय
जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी के स्टेडियम पहुंचने की अफवाह तेजी से फैल गई थी। व्यूज और चर्चा बटोरने के लिए फैलाई गई इस खबर के कारण भी बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रशंसक स्टेडियम पहुंच गए। आयोजकों को इतनी भीड़ आने का अनुमान नहीं था। बताया जा रहा है कि आयोजन समिति का पुलिस और जिला प्रशासन के साथ समुचित समन्वय नहीं था, जिसके चलते पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती नहीं हो सकी। भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास में सुरक्षा कर्मियों द्वारा लाठीचार्ज किए जाने की भी बात सामने आई है, जिसके बाद भगदड़ की स्थिति और गंभीर हो गई।
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वाहनों को भी नुकसान, JSCA अध्यक्ष ने दी सफाई
हंगामे के दौरान स्टेडियम परिसर में खड़ी कई बाइक और कारों को भी क्षति पहुंची। वहीं मेडिकल पार्टनर राज हॉस्पिटल की टीम ने मौके पर ही कई घायलों का प्राथमिक उपचार किया। घटना के बाद JSCA के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव ने कहा कि 10 जून से लीग के मुकाबले आयोजित किए जा रहे थे, लेकिन पहले कभी इतनी संख्या में दर्शक नहीं पहुंचे थे। उनके मुताबिक फाइनल मुकाबले में अप्रत्याशित भीड़ उमड़ने से हालात बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान कुछ लोग घायल हुए हैं और अधिकांश घायलों की स्थिति सामान्य है। हालांकि घटना के बाद आयोजन व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।