भवनाथपुर/गढ़वा:
दुर्घटना में एक पैर गंवाने के बाद पिछले 3 वर्षों से बैसाखी के सहारे चल रहे भवनाथपुर प्रखंड के राजेंद्र लाल अब सरकार से कृत्रिम पैर उपलब्ध कराने की गुहार लगा रहे हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे राजेंद्र का कहना है कि यदि उन्हें आर्टिफिशियल पैर मिल जाए तो वे फिर से काम कर अपने परिवार की आजीविका चला सकेंगे। करीब 3 साल पहले एक दुर्घटना में राजेंद्र लाल का एक पैर काटना पड़ा था। वे कृत्रिम पैर लगवाने के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस सहायता नहीं मिल सकी है।

दुर्घटना के बाद बिगड़ी परिवार की आर्थिक हालत
राजेंद्र लाल ने बताया कि दुर्घटना के बाद उनकी आजीविका पूरी तरह प्रभावित हो गई है। परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि उनकी 2 बेटियां अभी अविवाहित हैं और परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। शारीरिक असमर्थता के कारण वे कोई नियमित काम नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार या कोई समाजसेवी संस्था उन्हें आर्टिफिशियल पैर उपलब्ध करा दे, तो वे फिर से अपने पैरों पर खड़े होकर मेहनत-मजदूरी या अन्य कोई रोजगार कर सकते हैं। इससे वे न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि अपने परिवार का भी बेहतर ढंग से पालन-पोषण कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री से लेकर समाजसेवियों तक लगाई गुहार
राजेंद्र लाल ने मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और सक्षम लोगों से मानवीय आधार पर सहायता की अपील की है। उनका कहना है कि वे पिछले 3 वर्षों से उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब तक उनकी फरियाद पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द कृत्रिम पैर उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।