द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में आयोजित 69 वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भाग लेने के बाद झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो शुक्रवार को रांची लौट आए। उनके साथ ऑबजर्वर के रूप में गए मथुरा महतो और दशरथ गगराई 20सितंबर को रांची लौटेंगे। राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में रबींद्र नाथ महतो ने कई विषयों पर अपने व्याख्यान दिए। विचार व्यक्त किए। इनमें सुलभ संसद और दिव्यांगजनों के लिए समावेशन विषय पर उनका व्याख्यान प्रभावी रहा। इस व्याख्यान में उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन लोकतंत्र में केवल लाभार्थी नहीं,बल्कि नागरिक, मतदाता, प्रतिनिधि,नेता और निर्णयकर्ता हैं। भारत में दिव्यांगजनों की लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए UDID, सुगम्य भारत अभियान एवं निर्वाचन संबंधी सुविधाओं का उल्लेख किया। उन्होंने सुलभ संसद को समावेशी लोकतंत्र की आवश्यक शर्त बताया।
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दूसरे सेमिनार में रबींद्र महतो ने जलवायु परिवर्तन पर प्रभावी व्याख्यान दिया। इसमें उन्होंने जलवायु अनुकूलन और सहनशीलता में संसदीय नेतृत्व विषय पर भारतीय नजरिए को स्पष्ट किया। जलवायु परिवर्तन के भावी प्रभावों से दुनिया को सचेत किया। समय रहते आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। इस सत्र में उन्होंने जलवायु परिवर्तन को महज पर्यावरण का मुद्दा मानने से इनकार करते हुए इसे विकास, जनसुरक्षा और आजीविका की रक्षा से जोड़ा। अनियमित वर्षा, बढ़ते तापमान और जल संकट से निपटने पर जोर दिया। साथ ही इसकी आजीविका पर पड़ने वाली असर से अवगत कराया।
