द फॉलोअप डेस्क
झारखंड तैलिक साहू सभा ने प्रदेश में तेल घानी बोर्ड के गठन की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की घोषणा की है। उन्होंने इस कदम को किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए महत्वपूर्ण बताया है। झारखंड तैलिक साहू सभा के रांची जिलाध्यक्ष कुमार रौशन साहू ने कहा कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में पहले से तेलघानी बोर्ड का गठन हो चुका है। इन राज्यों में खाद्य तेलों की पैदावार में वृद्धि और उससे जुड़े उद्योगों के विकास से किसानों और उद्यमियों को लाभ हुआ है। गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर सभा ने राजभवन के समक्ष धरना प्रदर्शन करने की घोषणा भी की।
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झारखंड में सरसों, मूंगफली, सूर्यमुखी, सोयाबीन ,अलसी जैसे तिलहनों की व्यापक पैदावार होती है। तेलघानी बोर्ड के माध्यम से इन फसलों के उत्पादन और विपणन को संगठित कर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। खाद्य तेलों के उत्पादन से संबंधित उद्योग स्थापित होने से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। तेलघानी बोर्ड उद्योगों को प्रोत्साहित करेगा और युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करेगा। तेलघानी बोर्ड के गठन से प्रदेश में खाद्य तेल उत्पादन इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और राज्य को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

मीडिया से बातचीत करते हुए सभा के नेताओं ने कहा कि यह बोर्ड किसानों और उद्योगपतियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा, जिससे तिलहनों की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार होगा। प्रदेश अध्यक्ष महेश महतो ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे अन्य राज्यों की तर्ज पर झारखंड में भी तेलघानी बोर्ड के गठन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करें। प्रदेश महासचिव मदन कुमार ने कहा इससे न केवल किसानों की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि प्रदेश का तेली समाज और अन्य संबंधित वर्ग भी लाभान्वित होंगे। प्रदेश युवा अध्यक्ष दिलीप साहू ने तेलघानी बोर्ड का गठन झारखंड में कृषि और औद्योगिक विकास के लिए एक सकारात्मक कदम साबित हो सकता है।