द फॉलोअप डेस्क
गढ़वा जिले में होमगार्ड की नई बहाली को लेकर विरोध तेज हो गया है। वर्ष 2023-24 में बहाल किए गए गृह रक्षकों को अब तक नियमित ड्यूटी नहीं मिलने से आक्रोशित जवानों ने शुक्रवार को जिला समाहरणालय पहुंचकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और नई बहाली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
गृह रक्षकों ने अपने मांग पत्र में कहा कि वर्ष 2023-24 में जिले में होमगार्ड की बहाली हुई थी, लेकिन बहाल हुए कई जवानों को आज तक एक भी दिन की नियमित ड्यूटी नहीं मिल पाई है। केवल आपातकालीन (इमरजेंसी) ड्यूटी कराकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। जिले में पहले से ही ड्यूटी की संख्या काफी कम है, जिसके कारण कार्यरत गृह रक्षकों को भी नियमित काम नहीं मिल पा रहा है।
गृह रक्षकों का कहना है कि ऐसे हालात में नई बहाली करने से स्थिति और अधिक गंभीर हो जाएगी। रोजगार पाने के बाद भी जवान बेरोजगार बने रहेंगे और उनके सामने परिवार के भरण-पोषण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी। गृह रक्षक संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नई बहाली विभागीय घालमेल और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निकाली गई है। अधिकारियों द्वारा कमीशन के लिए नई वैकेंसी लाई जा रही है, जबकि पहले से बहाल जवानों को काम नहीं दिया जा रहा है। .jpeg)
संघ के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि ड्यूटी की कमी को देखते हुए पड़ोसी जिला पलामू में गृह रक्षकों की नई बहाली पर रोक लगा दी गई है। उसी तर्ज पर गढ़वा जिले में भी गृह रक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए बहाली प्रक्रिया पर रोक लगनी चाहिए। वर्ष 2023–24 में बहाल एक गृह रक्षक ने कहा कि “इतना समय बीत जाने के बाद भी हमें नियमित ड्यूटी नहीं मिली है। अगर अब नए लोगों की बहाली होती है तो हम रोजगार में होते हुए भी बेरोजगार रह जाएंगे। गृह रक्षकों ने उपायुक्त से मांग की है कि पहले से बहाल जवानों को नियमित ड्यूटी दी जाए और उसके बाद ही किसी नई बहाली पर विचार किया जाए।