द फॉलोअप डेस्क
लोहरदगा जिले को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में लोहरदगा पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। एसएसबी और लोहरदगा पुलिस लगातार नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई कर उनके सफाए में जुटी हुई हैं। जिले में प्रतिबंधित नक्सली संगठन जेजेएमपी और भाकपा माओवादी अभी भी सक्रिय हैं और समय-समय पर लेवी व आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं। वहीं, लोहरदगा पुलिस भी लगातार नक्सलियों पर दबिश देने का काम कर रही है।
पिछले दिनों कई नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, साथ ही कई बार लोहरदगा पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ भी हुई है। लोहरदगा पुलिस प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के हार्डकोर जोनल कमांडर रविन्द्र गंझू और जेजेएमपी नक्सली संगठन के नक्सलियों की धरपकड़ के लिए अभियान तेज कर चुकी है। लोहरदगा एसपी सादिक अनवर रिजवी ने बचे हुए नक्सलियों से झारखंड सरकार की सरेंडर पॉलिसी का लाभ उठाकर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की है, ताकि लोहरदगा जिले को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाया जा सके।
एसपी सादिक अनवर रिजवी ने कहा, "जिले में नक्सली गतिविधियों में कमी आई है, इसके बावजूद नक्सली संगठन जिले के कई इलाकों में अभी भी सक्रिय हैं। नक्सल मुक्त बनाने के इस प्रयास में लोहरदगा जिला अपना एक पुलिस कप्तान खो चुका है। शहीद एसपी अजय कुमार के इस बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता और उनका जो सपना था जिले को नक्सल मुक्त बनाने का उसे जल्द ही पूरा किया जाएगा। बचे हुए नक्सलियों से अपील है कि सरेंडर पॉलिसी का लाभ उठाएं और आत्मसमर्पण करें, नहीं तो पुलिस अपने तरीके से कार्रवाई करने में सक्षम है।"
