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DMFT : हजारीबाग में 90 लाख रुपए की निकासी की साजिश नाकाम

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द फॉलोअप डेस्क

हजारीबाग में डीएमएफटी फंड के खाते से 90 लाख रुपये की निकासी की नाकाम कोशिश का मामला सामने आया है। घटना के बाद डीएमएफटी कार्यालय की ओर से सदर थाना में प्राथमिकी (संख्या 339/2025) दर्ज करायी गयी है। बीएनएस की धारा318(4), 336(4), 331(4), 338 और 340(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है। इस फर्जीवाड़े में साइबर अपराधियों के अलावा डीएमएफटी कार्यालय और बैंक कर्मियों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा रहा है। अब पूरे मामले की जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा कि किन-किन लोगों ने डीएमएफटी की राशि के फ्रॉड में शामिल थे।


पहले तो फर्जी निकासी की कोशिश करनेवालों ने डीएमएफटी का खाता संख्या 589010210000030 का कॉलोन चेक बनाया। फिर खनिज फाउंडेशन ट्रेस्ट के अधिकृत मोबाइल नंबर जगह फर्जी मोबाइल नंबर 9903690756 को बैंक में लिंक करा लिया। इसका उद्देश्य यह था कि जब बैंक जारी किए जानेवाले चेक के बारे में उस मोबाइल नंबर पर डीएमएफटी के सचिव से पूछता तो वह चेक जारी किए जाने की बात कह कर राशि अपने खाते में ट्रांसफर करा लेता। हुआ भी ऐसा ही अंतिम सत्यापन के दौरान शाखा प्रबंधक को संदेह हुआ। उन्होंने जिला प्रशासन को सूचना दी। समय रहते फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया और फर्जी निकासी की कोशिश नाकाम हो गयी। पूरे प्रकरण में  साइबर अपराधियों ने जाली हस्ताक्षर, नकली पत्र और फर्जी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया। 


साइबर अपराधियों द्वारा 45–45 लाख के दो चेक बैंक ऑफ इंडिया की सकेतपुरी शाखा में जमा किया गया। इस पूरे प्रकरण में सचिव सह सदस्य डीडीसी का चेक पर जाली हस्ताक्षर किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि फर्जीवाड़े में जिन पांच चेकों का उल्लेख किया गया, उनके सभी सीरियल नंबर डीएमएफटी कार्यालय में सुरक्षित थे। लेकिन इसकी जानकारी साइबर अपराधियों को कैसे मिली, यह जांच का विषय है। इसी कारण बैंक कर्मियों और डीएमएफटी कार्यालय कर्मियों की मिली भगत से इंकार नहीं किया जा रहा है।

इन कंपनियों के नाम भुगतान के लिए भेजे गए थे चेक

एनएस इंटरप्राइजेज (48,95,600), मां मेटकानी सीमेंट वर्क्स (44,56,000), दिव्या इंटरप्राइजेज (48 लाख), डीएएस इंटरप्राइजेज (45 लाख), शिव शक्ति इंटरप्राइजेज (48 लाख)। उपरोक्त सभी राशि का भुगतान अपराधियों द्वारा दिए गए फर्जी खाते संख्या 1214202100000687 में कराने का प्रयास हो रहा था। अब फर्जी खाता नंबर से यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह किसके नाम खोले गए हैं। जिसके नाम खोले गए हैं, वह सही व्यक्ति है या वह भी किसी फर्जी आधार और पैन के आधार पर यह फर्जी खाता खोला था।


 

Tags - Jharkhand DMFT Hazaribagh 90 lakh cyber criminals attempted fraud FIR