रांची
राजधानी रांची स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव सोमवार को शिक्षा और प्रतिभा का ऐसा विराट संगम बना, जिसकी गूंज आने वाले वर्षों तक राज्य के हर विद्यार्थी के मनोबल को ऊँचाई देगी। पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) द्वारा आयोजित छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। पूरा स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था। झारखंड के कोने-कोने से हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षक, प्राचार्य, समाजसेवी और गणमान्य अतिथि इस आयोजन के साक्षी बने। मंच पर मौजूद महानुभावों और विद्यार्थियों के चेहरों पर गौरव, सम्मान और आत्मविश्वास की आभा झलक रही थी। यह दृश्य केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह राज्य की प्रतिभा को प्रमाणित करने का पर्व था। भारी बारिश भी विद्यार्थियों के उत्साह और जुनून को नहीं रोक सकी। सुबह से ही राजधानी रांची सहित झारखंड के विभिन्न जिलों से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। बारिश के बावजूद विद्यार्थियों में सम्मान प्राप्त करने को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया और पूरा स्टेडियम बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की उपस्थिति से उत्सव स्थल में बदल गया। नेशनल टॉपर भव्या रंजन, अभि गोयल एवं जैक बोर्ड के टॉपर अखिलेश साहू को मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सर्टिफिकेट एवं मेडल देकर सम्मानित किया और नगद राशि भेंट कर हौसला अफजाई किया।

झारखंड के बच्चों में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं
समारोह में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य, संगीत एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में उत्साह और उमंग का रंग भर दिया। समारोह में नेशनल टॉपर भाव्या रंजन और जैक बोर्ड के टॉपर अखिलेश साहू को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दोनों प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की सफलता की सराहना करते हुए उन्हें अन्य छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। इस विशेष सम्मान ने समारोह में उपस्थित हजारों विद्यार्थियों को और बेहतर प्रदर्शन करने तथा अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। समारोह के उद्घाटनकर्ता मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही झारखंड के उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। हजारों प्रतिभावान विद्यार्थियों को एक मंच पर सम्मानित होते देखना गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि झारखंड के बच्चों में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है उन्हें सही अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की। पासवा द्वारा इतने व्यापक स्तर पर आयोजित यह सम्मान समारोह विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करने वाली एक सराहनीय पहल है। उन्होंने सम्मानित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर वे झारखंड और देश का नाम नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह की उपस्थिति ने आयोजन को राज्य स्तरीय नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर का आयाम दिया। दीपिका पाण्डेय सिंह ने मंच से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है ऐसे ही मंचों की जो उन्हें उड़ान दें। उन्होंने पासवा की पहल को झारखंड के शिक्षा आंदोलन की रीढ़ बताया।
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शिक्षकों के मार्गदर्शन और उनके स्वयं के अथक परिश्रम का परिणाम
छात्र जीवन केवल एक अकादमिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी नींव है जिस पर पूरा भविष्य टिका होता है। मैं मानती हूँ कि हर बच्चा अपनी जगह विशेष है, जरूरत है तो बस सही दिशा, मार्गदर्शन और अवसर की। यही इस सम्मान समारोह का उद्देश्य है। प्रतिभा को पहचानना, प्रोत्साहित करना और उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देना। मैं अभिभावकों और शिक्षकों का भी आभार व्यक्त करती हूँ जिन्होंने विद्यार्थियों की इस यात्रा में चुपचाप लेकिन दृढ़ साथ निभाया है। एक मजबूत समाज की नींव वहीं रखी जाती है जहाँ शिक्षा को प्राथमिकता मिलती है और विद्यार्थियों को प्रेरणा दी जाती है। हर मेडल, हर प्रमाणपत्र और हर सम्मान के पीछे अनगिनत सपनों की उड़ान, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और कभी हार न मानने का जज़्बा होता है। इन विद्यार्थियों की सफलता उनके माता-पिता के विश्वास, शिक्षकों के मार्गदर्शन और उनके स्वयं के अथक परिश्रम का परिणाम है। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि समाज और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी है। पासवा के मुख्य संरक्षक एवं पूर्व वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राज्य की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। विद्यार्थियों की प्रतिभा को समय पर पहचान और सम्मान मिलना उनके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ाता है। आज हजारों विद्यार्थियों को एक मंच पर सम्मानित होते देखना अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि पासवा द्वारा आयोजित यह समारोह केवल मेडल और प्रमाणपत्र देने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों, मेहनत और उपलब्धियों का सम्मान है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देने के साथ-साथ अभिभावकों और शिक्षकों के योगदान को भी सम्मान देते हैं। उन्होंने सभी सम्मानित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अनुशासन, परिश्रम और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ें तथा झारखंड और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
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तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा स्टेडियम गूंज उठा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने जब मंच संभाला, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा स्टेडियम गूंज उठा। अपने जोशीले वक्तव्य में उन्होंने कहा आज के इस अवसर पर, जब हम छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में एकत्रित हुए हैं, मेरा हृदय गर्व और उत्साह से भर उठा है। मैं उन सभी प्रतिभावान विद्यार्थियों को दिल से बधाई देता हूँ जिन्होंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से यह सम्मान अर्जित किया है। झारखंड की धरती पर एक इतिहास रचा गया है। यह केवल पुरस्कारों का नहीं, बल्कि प्रतिभा, परिश्रम और सपनों के सम्मान का आयोजन है। जब तक शिक्षा को पर्व नहीं बनाया जाएगा, तब तक समाज का निर्माण अधूरा रहेगा। पासवा का हर कदम विद्यार्थियों की सफलता के लिए समर्पित है। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षाविदों, विद्यालय निदेशकों और प्राचार्यों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। डीएवी के निदेशक एम.के. सिन्हा को ‘विद्यालय नेतृत्व में उत्कृष्टता सम्मान’ से सम्मानित किया गया, जबकि सिस्टर अमृता को ‘सर्वश्रेष्ठ विद्यालय प्राचार्य सम्मान (2026–27)’ प्रदान किया गया। इसके अलावा डीएवी बरियातू के प्रिंसिपल एसके मिश्रा, डीएवी नंदराज के प्रिंसिपल रवि कुमार तिवारी, डीएवी गांधीनगर के प्रिंसिपल, सेंट्रल एकेडमी बरियातू के प्रिंसिपल, वाईबीएन स्कूल के प्रिंसिपल, सेक्रेट हर्ट स्कूल के प्रिंसिपल, डीपीएस के प्रिंसिपल, योगदा सत्संग स्कूल के प्रिंसिपल कृष्णा शुक्ला, डीएवी पुन्दाग के प्रिंसिपल, जी एंड एच स्कूल के प्रिंसिपल, कोलकाता पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल, पश्चिम बंगाल पासवा के अध्यक्ष मसूदा यासमीन, टेंडर हार्ट स्कूल के प्राचार्य सहित लगभग 250 से अधिक प्रिंसिपल को मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने मोमेंटो एवं अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।

परिश्रम हर व्यवस्था में साफ नजर आया
समारोह में लाल किशोर नाथ शाहदेव को ‘सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन सम्मान’, नीरज कुमार को ‘सर्वश्रेष्ठ पदाधिकारी सम्मान’ तथा फलक फातिमा को ‘सर्वश्रेष्ठ उत्कृष्टता सम्मान’ से सम्मानित किया गया। पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष रमन झा,चतरा जिला अध्यक्ष नीरज सहाय, बोकारो जिला अध्यक्ष मींकू प्रसाद, सरायकेला जिला अध्यक्ष होनी सिंह मुंडा, धनबाद जिला अध्यक्ष मो. जिन्ना, गढ़वा जिला अध्यक्ष एस.एन.पाठक पलामू जिला अध्यक्ष संजय कुमार, लोहरदगा जिला अध्यक्ष विक्की कुमार, बोकारो जिला अध्यक्ष उपस्थित थे। पासवा की पूरी टीम इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कई महीनों से जुटी हुई थी और उनका परिश्रम हर व्यवस्था में साफ नजर आया। पंजीकरण प्रक्रिया, पुरस्कार वितरण, मंच संचालन, सुरक्षा प्रबंधन, अतिथि स्वागत और मीडिया समन्वय हर पहलू बारीकी से तैयार और क्रियान्वित किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन में रंग भर दिया। नृत्य, गायन, और पारंपरिक लोक प्रस्तुतियाँ हर कोने से सराही गईं। कार्यक्रम का हर क्षण विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए गर्व और गर्जना से भरा रहा। पासवा ने इस आयोजन के ज़रिए यह सिद्ध कर दिया कि झारखंड अब केवल खनिजों और जंगलों की भूमि नहीं, बल्कि बुद्धि, विचार और उज्जवल भविष्य की भूमि है। झारखंड के शैक्षणिक इतिहास में यह दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। यह कार्यक्रम केवल छात्रों का सम्मान नहीं था, यह उस सोच का उत्सव था जो शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी शक्ति मानती है। वहीं कार्यक्रम का संचालन लाल किशोर नाथ शाहदेव ने किया। इसके साथ ही कार्यक्रम को सफल बनाने में अनिकेत कुमार, मेंहुल दूबे, अज़हर आलम, सुनैना प्रजापति, खुशी भारती, आरती कुमारी, श्रुति तिवारी, अनुष्का कुमारी, सोनिया बिलुंग, वीना कुमारी, आरजू सबा, हिमांशु मिश्रा, मो राजउल्लाह, खुशी कुमारी, नीतिक गुप्ता, सहला निगार, अंकिता सिंह, नाज़ परवीन, अनामिका दूबे, नीलू लकड़ा, नन्दनी कुमारी, प्रथम कुमार मंडल, अभिषेक कुमार, फैज़ान राजा, कामरान खान, मो शाहिद, अर्जुन कुमार, सैफ खान का मुख्य योगदान रहा।