पलामू
सोशल मीडिया की सकारात्मक ताकत और पलामू जिला प्रशासन की त्वरित संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण सामने आया है। पलामू जिले के सुदूरवर्ती चैनपुर प्रखंड स्थित अवसाने गांव की एक छोटी बच्ची, ललिता कुमारी का अपनी बदहाली बयां करता एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, तो उसने सीधे प्रशासन का दिल छू लिया। अपने दिव्यांग माता-पिता और भाई-बहनों के लिए सरकारी मदद की गुहार लगाने वाली इस बच्ची की आवाज को गंभीरता से लेते हुए, पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत शनिवार को स्वयं उसके सुदूर गांव पहुंचे।
15 सेकंड के वीडियो ने बच्ची की तकलीफ दूर की
दरअसल, वीडियो में बच्ची ने अपने घर की हालत दिखाई थी और DC साहब से अपील करते हुए कहा था कि उसके मम्मी-पापा दोनों दिव्यांग हैं। उनके पास रहने के लिए घर नहीं है और बरसात में उन्हें बहुत दिक्कत होती है क्योंकि उनका घर टूट गया है। बच्ची ने यह भी बताया था कि उसके परिवार के पास खाने के लिए भी कुछ नहीं है। करीब 15 सेकंड के इस वीडियो में बच्ची ने अपने परिवार के आर्थिक हालात और दयनीय दशा को उजागर किया था।
भावुक अपील के बाद खुद पहुंचे बच्ची के घर
बच्ची की इस भावुक अपील के बाद पलामू DC दिलीप प्रताप सिंह शेखावत शनिवार को अवसाने गांव में उसके घर पहुंचे। सातवीं क्लास की छात्रा ललिता कुमारी के पिता चिंटू चौधरी और मां दोनों दिव्यांग हैं। उसके छह भाई-बहन हैं और पूरा परिवार एक जर्जर झोपड़ी में रह रहा था। स्थिति को देखते हुए DC दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने बच्ची के पूरे परिवार को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा। उन्होंने परिवार को तुरंत राशन उपलब्ध करवाया, साथ ही उन्हें 'बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना' के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया। इसके अलावा उन्होंने बच्ची से मुलाकात कर उसका हौसला बढ़ाया।
DC ने बच्ची के साहस की तारीफ की
DC ने कहा कि बच्ची ने बेहद साहसी काम किया है और अपने परिवार की समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया है। इस दौरान प्रशासन की पहल पर ललिता की एक बहन का स्कूल में नामांकन भी कराया गया। DC ने परिवार के सभी बच्चों को पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध करवाई और भविष्य में भी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।