logo

पाकुड़ में 17.55 लाख का धान घोटाला, लैम्प्स अध्यक्ष और सदस्य सचिव पर FIR दर्ज

WhatsApp_Image_2026-07-29_at_1_24_32_PM.jpeg

पाकुड़
पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड अंतर्गत कानीझाड़ा लैम्प्स (MPCS) में सरकारी धान की अधिप्राप्ति (खरीद) में 17.55 लाख रुपये से अधिक के घोटाले का खुलासा हुआ है। गोदाम से 716.55 क्विंटल धान गायब मिलने के बाद सहकारिता विभाग की शिकायत पर महेशपुर थाने में लैम्प्स अध्यक्ष और सदस्य सचिव के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। 
गोदाम की जांच में सामने आई गड़बड़ी
जानकारी के मुताबिक, खरीफ विपणन मौसम 2025–26 के तहत कानीझाड़ा लैम्प्स द्वारा किसानों से कुल 3098.80 क्विंटल धान की खरीद की गई थी। इस धान को बरहरवा (साहेबगंज) स्थित 'भगवान न्यूट्रीशन फूड प्राइवेट लिमिटेड' राइस मिल को भेजा जाना था। झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम व राइस मिल के चालान के अनुसार, गोदाम में 734.20 क्विंटल धान बचा होना चाहिए था। लेकिन 15 जुलाई 2026 को जब जनसेवक द्वारा गोदाम का भौतिक सत्यापन किया गया, तो वहां अवशेष धान गायब मिला। जिसका अनुमानित किमत 17.55 लाख रुपये बताएं जा रहे हैं। 
लैम्प्स अध्यक्ष और सदस्य सचिव पर केस दर्ज
गोदाम में धान नहीं मिलने के बाद विभागीय जांच में इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया। जिला आपूर्ति पदाधिकारी और जिला सहकारिता पदाधिकारी के निर्देश पर सहकारिता प्रसार पदाधिकारी (महेशपुर) नौशिक रनि हांसदा ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर महेशपुर थाना कांड संख्या 126/26 दर्ज किया गया है। इसमें कानीझाड़ा लैम्प्स के अध्यक्ष रूपलाल कोड़ा (ग्राम-कानीझाड़ा) और सदस्य सचिव सरस्वती कोड़ा (ग्राम-चौपुटुड़ा) को आरोपी बनाया गया है।
BNS की धाराओं में दर्ज हुई प्राथमिकी, जांच शुरू
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4), 316(5) और 35(5) के तहत मामला दर्ज किया है। महेशपुर पुलिस के अनुसार, विभागीय आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब सरकारी खाद्यान्न और राशि के कथित गबन के मामले में आरोपियों से पूछताछ करेगी। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि धान गायब होने के पीछे जिम्मेदार कौन-कौन लोग हैं।
 

Tags - Pakur News Paddy Scam Jharkhand News Corruption Case Maheshpur