जामताड़ा:
चित्तरंजन क्षेत्र में एरिक लकड़ा हत्याकांड को लेकर लोगों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। वारदात के कई दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज स्थानीय लोगों का गुस्सा रविवार को सड़कों पर फूट पड़ा। न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने चित्तरंजन थाने के सामने 'ऑल नाइट' (रात भर) धरना शुरू कर दिया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

जनआंदोलन में बदला विरोध
शाम होते ही चित्तरंजन थाना के घेराव के लिए पुरुषों और महिलाओं की भारी भीड़ जुटने लगी। देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन एक व्यापक जनआंदोलन की शक्ल ले चुका है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे थाने के सामने से नहीं हटेंगे।
धरना स्थल पर लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर एरिक लकड़ा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूरे इलाके में "इंसाफ दो... इंसाफ दो!" के नारे गूंज रहे हैं। लोगों का आरोप है कि पुलिस की सुस्ती के कारण अपराधी अब तक कानून की गिरफ्त से बाहर हैं।

बढ़ता दबाव और CID जांच की मांग
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन इस पूरे प्रकरण की CID जांच की मांग कर रहे हैं। प्रशासन पर चौतरफा दबाव बढ़ रहा है, क्योंकि स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। अब सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस इस बढ़ते दबाव के बीच अपराधियों को जल्द पकड़ पाएगी? फिलहाल, चित्तरंजन में माहौल बेहद गर्म है और हर किसी की नजर अब पुलिसिया कार्रवाई पर टिकी है।