द फॉलोअप डेस्क
घाटशिला विधानसभा उप चुनाव के परिणाम के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि झारखंड में हमारी लड़ाई घुसपैठियों की वजह से बदलती डेमोग्राफी एवं धर्मांतरण के खिलाफ, तथा आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति, परंपरा एवं अस्तित्व को बचाने के लिए है। यह जारी रहेगा। उन्होंने आगे लिखा है कि मुझे पता है कि यह रास्ता काफी जटिल है, और इसमें कई बाधाएं आयेंगी, लेकिन हम झुकेंगे नहीं। घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के सभी समर्थकों को धन्यवाद। इस बार शायद हम जनता को अपनी बातें समझाने में सफल नहीं हो पाये, इसीलिए यह परिणाम आया।

मेरा स्पष्ट तौर पर मानना है कि चुनाव आते-जाते रहेंगे, हार- जीत होती रहेगी, लेकिन हमारा समाज बचना चाहिए, हमारा अस्तित्व बचे रहना चाहिए, आदिवासीयत बची रहनी चाहिए, नहीं तो सब कुछ खत्म हो जायेगा। जिस दिन हम पाकुड़, साहिबगंज समेत कई जिलों में अल्पसंख्यक हो चुके आदिवासी समाज एवं भूमिपुत्रों की जमीनों और वहाँ रहने वाली बहू-बेटियों की अस्मत की रक्षा ना कर सके, उस दिन हम हार जायेंगे। झारखंड के आदिवासियों एवं मूलवासियों की जमीन एवं धर्म- संस्कृति की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। जब कभी भी इस राज्य में आदिवासियों पर अत्याचार होगा, उनके अधिकार छीने जायेंगे, हर बार हम विरोध करते रहेंगे।
