द फॉलोअप, रांची
14 जुलाई को राज्य के सभी बूथों पर बीएलओ और बीएलए-टू साथ साथ बैठेंगे। एसआईआर के क्रम में इम्युनरेशन फॉर्म भरने में आ रही समस्याओं का समाधान निकालेंगे। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने सोमवार को निर्वाचन सदन में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान-2026 की समीक्षा की। इस क्रम में उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ और बीएलए-2 की संयुक्त बैठक के साथ ‘चुनाव पाठशाला’ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपने-अपने बीएलए-2 की सहभागिता सुनिश्चित कर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरी तरह सहभागी और पारदर्शी प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित और शुद्ध बनाना है। इसके लिए पात्र मतदाताओं, राजनीतिक दलों और अन्य सभी संबंधित पक्षों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने बताया कि चुनाव पाठशाला के दौरान बीएलओ एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट और ‘रिफ्यूज टू साइन’ (गैर-भारतीय) मतदाताओं की सूची सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाएंगे। साथ ही अनमैप्ड मतदाताओं पर भी चर्चा की जाएगी।
के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि एसआईआर की प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है। यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है, तो वह इन्यूमरेशन फॉर्म बिना भरे और बिना हस्ताक्षर किए कारण लिखकर संबंधित बीएलओ को लौटा दे। उन्होंने चेतावनी दी कि गैर-भारतीय नागरिक द्वारा इन्यूमरेशन फॉर्म भरना या गलत जानकारी देकर घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने मतदाताओं से इन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक और सही तरीके से दर्ज करने की भी अपील की, क्योंकि यह दस्तावेज स्थायी रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रखा जाता है।
